मुंबई हमला: पाकिस्तानी आयोग पहुंचा भारत

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Image caption 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकवादी हमले हुए थे, जिसमें सैंकड़ों लोग मारे गए थे.

मुंबई में नवंबर 2008 में हुए आतंकवादी हमलों की जाँच के लिए पाकिस्तानी आयोग भारत पहुंच गया है.

आयोग में मुख्य अभियुक्त ज़की-उर-रहमान लखवी के वकील ख़्वाजा हारिस सहित अन्य अभियुक्तों के वकील रियाज़ अकरम चीमा, ऐसम बिन हारिस, फ़ख़र हयात, सरकारी वकील चौधरी ज़ुल्फिक़ार अली और मोहम्मद अज़हर शामिल हैं.

जाँच आयोग में संघीय जाँच एजेंसी के अतिरिक्त निदेशक अज़ाद ख़ान और रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत के एक अधिकारी भी शामिल हैं.

सरकारी वकील चौधरी ज़ुल्फिक़ार अली ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तानी आयोग मुंबई हमलों के एक मात्र जीवित हमलावर अजमल आमिर क़साब का बयान रिकॉर्ड करने वाले जज आरवी सावंत वाघले, मामले के मुख्य जाँचकर्ता रमेश महाले और दो डॉक्टरों के बयान भी रिकॉर्ड करेगी जिन्होंने हमलावरों का पोस्टमार्टम किया था.

'कसाब का बयान'

उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी जाँच दल मुंबई हमलों के जीवित हमलावर अजमल आमिर कसाब का भी बयान रिकॉर्ड करेंगे.

उनके मुताबिक़ बयान रिकॉर्ड करने के बाद वे 21 मार्च को पाकिस्तान लौँटेंगे और बाद में आतंकवाद निरोधक अदालत में वह बयान पेश किए जाएँगे.

ग़ौरतलब है कि रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत में लश्करे तैबा के वरिष्ठ नेता ज़की-उर-रहमान सहित सात अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मुंबई हमलों का मुक़दमा चल रहा है.

इस मुक़दमे की सुनवाई सुरक्षा कारणों से रावलपिंडी की अड्याला जेल में की जाती हैं जहाँ सभी अभियुक्त क़ैद हैं.

ग़ौरतलब है कि पिछले महीने भारत के गृहमंत्रालय ने बताया था कि पाकिस्तान ने कूटनयिकों के ज़रिए ये संदेश दिया है कि मुंबई हमलों की जाँच कर रहा आयोग अब भारत नहीं आ रहा है.

हालांकि पाकिस्तान में आयोग की ओर से कहा गया था कि ये दौरा रद्द नहीं हुआ है सिर्फ़ टाला गया है और जल्द ही नई तारीख़ तय कर ली जाएगी.

'न्यायिक आयोग का फ़ैसला'

पिछले साल भारत और पाकिस्तान के गृहमंत्रियों की एक बैठक के बाद ये फ़ैसला हुआ था कि पाकिस्तान में मुंबई हमलों की जाँच कर रहा आयोग भारत का दौरा करेगा.

एकमात्र जीवित हमलावर मोहम्मद अजमल आमिर क़साब को हत्या और भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है.

26 नवंबर 2008 को 60 घंटे तक चले हमलों में दस बंदूकधारियों ने रेलवे स्टेशन, होटलों, रेस्तराँ, अस्पताल के अलावा एक यहूदी सांस्कृतिक केंद्र को भी निशाना बनाया था.

मुंबई के हमलों में कम से कम 165 लोग मारे गए थे. ये हमले करने वाले दस लोगों में से नौ लोग भी इस दौरान मारे गए थे.

इन हमलों के लिए भारत ने पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा को दोषी ठहराया था और उससे सभी तरह की वार्ताएँ स्थगित कर दी थीं.

भारत का कहना था कि सभी दस हमलावर भी पाकिस्तान से आए थे.

पाकिस्तान शुरुआत में इस बात से इनकार करता रहा कि हमले की योजना का एक हिस्सा पाकिस्तान में बना था और हमलावर पाकिस्तानी थे.

लेकिन बाद में उसने स्वीकार कर लिया था कि क़साब पाकिस्तानी नागरिक है.

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