तालिबान के कब्जे से छूटे स्विस दंपत्ति

बलूचिस्तान (फाइल फोटो) इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption बलूचिस्तान में तालिबान काफी ताकतवर हैं.

पाकिस्तान में सेना का कहना है कि पिछले आठ महीनों से तालिबान के कब्जे में रहे एक स्विस दंपत्ति को रिहाई मिल गई है.

लेकिन अभी ये स्पष्ट नहीं है कि वे बचकर निकलने में सफल हुए हैं या फिर फिरौती की रकम देकर छूटे हैं.

सेना के मुताबिक वर्ष 2011 के जुलाई महीने में बलूचिस्तान प्रांत में इस स्विस दंपत्ति को अगवा कर लिया गया था.

सेना का कहना है कि गुरूवार को उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली इलाके में स्थित सेना के एक चेकपोस्ट के पास ये स्विस दंपत्ति प्रकट हुए.

अपुष्ट खबरों के अनुसार ये स्विस दंपत्ति तालिबान के कब्जे से भागने में सफल हो गए है लेकिन आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है कि उनकी रिहाई कैसी हुई.

'प्रतिक्रिया नहीं'

ये भी स्पष्ट नहीं है कि उनकी रिहाई के लिए कोई रकम अदा की गई या फिर बंदियों के अदला-बदली के तहत उनको छोड़ा गया है.

पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी के मुताबिक स्विस दंपत्ति को एक हेलिकॉप्टर के ज़रिए पेशावर रवाना कर दिया गया है.

लेकिन इस संबंध में राजधानी इस्लामाबाद स्थित स्विस दूतावास ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

अक्तूबर 2011 में तालिबान ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें स्विस दंपत्ति को अपनी जान की भीख मांगते हुए दिखाया गया था.

जुलाई 2011 में बलूचिस्तान प्रांत के लोरालई इलाके से कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने इस स्विस दंपत्ति को अगवा कर लिया था.

खबरों के मुताबिक ये लोग पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान शहर से रोड के रास्ते बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा जा रहे थे.

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