'2002 से ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में थे'

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Image caption दो मई 2011 को ऐबटाबाद में अमरीका सैनिकों की कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन की मौत हो गई थी.

पाकिस्तान में हो रही एक जाँच से पता चला है कि अल कायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन वर्ष 2002 से पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में रह रहे थे.

ओसामा बिन लादेन की विधवा एमल अहमद अब्दुलफतह ने यह जानकारी पाकिस्तान के संयुक्त जाँच दल को दी. लादेन की विधवा पाकिस्तानी अधिकारियों की हिरासत में हैं.

पिछले साल दो मई को ऐबटाबाद शहर में अमरीकी सैनिकों की कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने ओसामा के परिजनों को हिरासत में लिया था.

अंग्रेज़ी अखबार ‘डेली डॉन’ की खबर के मुताबिक जाँच रिपोर्ट में लिखा हुआ है कि ‘वह करीब आठ महीने कराची में एक फ्लैट में रही और इसकी पूरी व्यवस्था कुछ पाकिस्तानी परिवारों और ओसामा के बड़े बेटे साद ने की थी.’

रिपोर्ट में लिखा हुआ है कि एमल ने कराची में करीब छह से सात बार घर बदले.

'मजाहिद से शादी का शौक'

29 वर्षीय यमनी महिला ने बताया कि वह किसी मुजाहिद से शादी करना चाहती थी इसलिए वह वर्ष 2000 में पाकिस्तान पहुँची और अफगानिस्तान के शहर कंधार में उनकी ओसामा बिन लादेन से शादी हुई.

उनके मुताबिक ओसामा बिन लादेन उस समय अपनी तीन पत्नियों और कुछ अरब परिवारों के साथ रहते थे और जब नौ सितंबर 2001 को अमरीका पर हमला हुआ तो पूरा परिवार बिखर गया.

एमल अहमद अब्दुलफतह ने इस्लामाबाद में जाँचकर्ताओं को बताया कि अमरीका में हुए हमलों के बाद वह 2002 में पेशावर शहर में ओसामा से फिर मुलाक़ात हुई, जहाँ से वह स्वात घाटी चले गए थे और वहाँ करीब नौ महीने रहे.

उन्होंने बताया कि वह ओसामा बिन लादेन के साथ खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के चार शहरों में रही थी लेकिन उन्होंने इस बात से इंकार किया है कि उस दौरान वह किसी पाकिस्तानी अधिकारी से संपर्क में थे.

उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों को बताया कि वह ओसामा बिन लादेन के साथ करीब दो साल हरीपुर में रही थी और बाद में करीब छह सालों तक ऐबटाबाद रहे थे.

ग़ौरतलब है कि हरीपुर राजधानी इस्लामाबाद से सटा हुआ खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत का शहर है.

एमल अहमद अब्दुलफतह का कहना था कि उनकी बड़ी बेटी सफिया 2001 में अफगानिस्तान के शहर कंधार में पैदा हुई, जबकि आसिया और इब्राहीम का हरीपुर के सरकारी अस्पताल में जन्म हुआ और ज़ैनब और हुसैन ऐबटाबाद में पैदा हुए थे.

रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि ओसामा का परिवार दो पाकिस्तानी नागरिकों के परिवारों के साथ रहता था.

अधिकारियों का कहना है कि दो पाकिस्तानी नागरिकों ने जाली पहचान पत्र बनवाए हुए थे और उन दोनों की पहचान इसलिए नहीं हो सकती क्योंकि वह दो मई को अमरीकी सैनिकों की कार्रवाई में मारे गए थे.

ग़ौरतलब है कि ओसामा बिन लादेन की तीन विधवाएँ और उनके सात बच्चे पाकिस्तानी अधिकारियों की हिरासत में हैं, जिनके खिलाफ स्थानीय अदालत में मामला चल रहा है.

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