खुली भारतीय सेना की पोल: पाकिस्तानी अखबार

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भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे गए पत्र की पाकिस्तानी मीडिया और अख़बरों में ख़ूब चर्चा हुई है.

अख़बारों ने जनरल वीके सिंह के पत्र वाली ख़बर को प्रमुखता से तो नहीं छापा है लेकिन सभी अख़बारों ने इसको जगह दी है. टीवी चैनलों ने भी बुधवार को इस ख़बर को काफी प्रमुखता दी.

अंग्रेज़ी अखबार ‘पाकिस्तान टूडे’ का शीर्षक है ‘leaked letter reveals India’s military might’ यानी लीक हुए पत्रों से भारत की सैन्य ताकत का खुलासा हुआ

आगे ख़बर में लिखा हुआ है कि भारतीय सेना के टैंकों में बारुद है ही नहीं और उसका ऐयर डीफेंस भी 97 प्रतिशत बेकार हो चुका है.

‘पाकिस्तान टूडे’ अख़बार ने लिखा है कि जनरल वीके सिंह ने पत्र लिख कर भारत में नई चिंताओं को जन्म दिया है और इससे भारतीय सेना के मनोबल पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है.

अंग्रेज़ी के एक और अख़बार ‘दी नेशन’ ने लिखा है कि जनरल वीके सिंह के पत्र से भारतीय सरकार को ताज़ा झटका लगा है और उन्होंने प्रधानमंत्री को सीधे तौर पर पत्र लिख कर सेना की पोल खोल दी है.

'सेना भीतर से काफी कमज़ोर'

अख़बार ने जनरल वीके सिंह के पत्र के कुछ हिस्से भी छापे हैं, जिसमें साफ तौर पर लिखा हुआ है कि दुश्मन से लड़ने के लिए सेना की हालत काफी खस्ता है.

‘दी न्यूज़’ ने भी भारतीय अख़बार डीएनए के हवाले से लिखा है कि सेनाध्यक्ष के पत्र से भारत में काफी चिंता है क्योंकि जिस तरह से जनरल वीके सिंह ने सेना की कमज़ोरी बयान की है और शायद पहली बार किसी भारतीय वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने ऐसा माना है.

उर्दू का एक अख़बार है ‘रोज़नामा जंग’, जिसने इस ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है और अपनी ख़बर में लिखा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सेना भीतर से काफी कमज़ोर है और उसके सेनाध्यक्ष ने यह बात मानी है.

अख़बार ने लिखा है कि भारतीय सेनाध्यक्ष ने ख़ुद माना है कि सेना का ऐयर डीफेंस 97 प्रतिशत बेकार हो चुका है और सेना दुश्मन से लड़ने की क्षमता नहीं रखती है.

उर्दू के एक ओर अख़बार ‘रोज़नामा एक्सप्रेस’ ने अपनी ख़बर में लिखा है कि भारतीय रक्ष मंत्री एके एंटनी ने राज्यसभा को बताया कि सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने प्रधानमंत्री को ऐसा पत्र लिखा था.

अख़बारों में जनरल वीके सिंह के पत्र पर न तो कोई संपादकीय छपा है और न ही कोई प्रतिक्रिया सामने आई है.

आम तौर पर पाकिस्तान में इस तरह की ख़बरों में काफी रुचि रहती है लेकिन इस बार रुचि ज़्यादा नहीं दिख नहीं रही है.

टीवी चैनलों ने बुधवार को भी इस ख़बर को दिखाया था कि किस तरह भारतीय सेना कमज़ोर है और इस ख़बर से निश्चित रुप से पाकिस्तानी सेना को थोड़ी बहुत राहत मिली होगी.

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