अमरीकी फैसले पर सवाल करेगा पाकिस्तान?

  • 4 अप्रैल 2012
रहमान मलिक
Image caption रहमान मलिक का कहना है कि पाकिस्तान सरकार को औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि अगर हाफिज सईद की गिरफ्तारी के लिए रखे गए इनाम की खबर सही है, तो अमरीका ने किस आधार पर यह फैसला किया है.

उन्होंने उत्तर सिंध में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पैत्रिक शहर लाड़काना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “हमें इस संबंध में औपचारिक रुप से अभी तक सूचित नहीं किया गया है.”

उन्होंने बताया कि वह उस वक्त तक इस मामले पर विस्तार से टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, जब तक पाकिस्तानी सरकार को औपचारिक रुप से अमरीका की ओर से जानकारी नहीं दी जाती है.

उन्होंने आगे कहा, “अगर यह खबर सही है तो हम उनसे (अमरीका से) पूछ सकते हैं कि उन्होंने किस आधार पर हाफिज सईद की गिरफ्तारी पर इनाम रखा है.”

गौरतलब है कि अमरीका ने प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद पर करीब 50 करोड़ रुपए (एक करोड़ डॉलर) का इनाम रखा है.

इनाम

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Image caption हाफिज सईद पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा गया है

अमरीका ने यह इनाम हाफिज सईद को पकड़ने या पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी देने के लिए रखा है.

हाफिज सईद को 26/11 को मुंबई पर हुए हमले का कथित 'मास्टरमाइंड' भी माना जाता है. इस हमले में 160 लोग मारे गए थे.

अमरीका ने दुनिया में 'आंतकवाद के लिए जिम्मेदार' लोगों की सूची जारी की है. इस सूची में हाफिज सईद को दूसरे स्थान पर रखा गया है.

अमरीका ने चार बड़े चरमपंथियों पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है, जिसमें हाफिज सईद, तालिबान के प्रमुख मुल्ला उमर, अल कायदा के वरिष्ठ नेता अबू दुआ और यासीन अल-सूरी शामिल हैं.

इन चार चरमपंथियों में सिर्फ सईद ही ऐसे हैं, जो आजादी से पाकिस्तान में घूम रहे हैं और सर्वजानिक तौर पर सभाओं को संबोधित कर रहे हैं.

जमात उद दावा ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमरीका के इस कदम को इस्लाम और मुसलमानों पर एक और हमला करार दिया है.

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