अमरीकी फैसले के बाद पाक सरकार ने संपर्क नहीं किया: सईद

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Image caption भारत हाफिज सईद पर मुंबई मामले पर मुकदमा चलाने की मांग करता रहा है

पाकिस्तान में प्रतिबंधित गुटों के नए संगठन दिफाए पाकिस्तान काउंसिल ने अमरीका की ओर से हाफिज़ सईद की गिरफ्तारी के लिए रखे गए इनाम के विरुद्ध देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है.

सेना मुख्यालय के ठीक सामने रावलपिंडी के एक होटल में पत्रकार वार्ता में यह घोषणा की गई, जिसमें प्रतिबंधित संगठनों के कई वरिष्ठ नेताओं सहित जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद भी शामिल थे.

दिफाए पाकिस्तान काउंसल के अध्यक्ष मौलाना सहीउल हक ने अमरीका की ओर से हाफिज सईद पर रखे गए इनाम की कड़ी निंदा की और बताया कि इसके खिलाफ कड़ा विरोध किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि अमरीका ने हाफिज़ सईद पर 50 करोड़ रुपए का इनाम की घोषणा की है.

इस घोषणा का भारत ने स्वागत किया है लेकिन पाकिस्तान में इसकी व्यापक प्रतिक्रिया हुई है.

चुनौती

दिफाए पाकिस्तान काउंसल के अध्यक्ष मौलाना सहीउल हक ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, “हम अमरीकी फैसले के खिलाफ शुक्रवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन करेंगे और दिफाए पाकिस्तान के कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर ही होंगे और कोई बाहरी दबाव नहीं सहन नहीं किया जाएगा.”

उन्होंने अमरीका से कहा कि वह पाकिस्तानी अदालतों के सम्मान करे क्योंकि अदालतों ने हाफिज सईद को निर्दोष घोषित किया है और उनके खिलाफ कोई मामला सिद्ध नहीं हुआ है.

मौलाना सहीउल हक ने राष्ट्रपति आसिफ ज़रदारी से मांग की है कि वह अपनी संभावित भारतीय यात्रा को स्थागित कर दें और कहा कि अगर राष्ट्रपति ऐसा नहीं करते हैं कि तो दिफाए पाकिस्तान काउंसल के मंच से उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरु किया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी आगामी आठ अप्रैल को निजी यात्रा पर भारत जा रहा है, जहाँ वे अजमेर में सूफी बुज़रुग ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की मज़ार पर हाज़री देंगे.

जमाता उद दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, "अमरीका ने किस कानून के तहत मेरी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया है क्योंकि न तो अमरीका की कोई अदालत में मेरे खिलाफ आदेश दिया है और न ही वहाँ मेरे खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज है."

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमरीकी फैसले के बाद न तो सरकार ने उनसे कोई संपर्क किया है और न ही उन्होंने किया है.

उनके मुताबिक सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा करे और अमरीका से इस संबंध में बातचीत करे.

गौरतलब है कि अमरीका ने प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद पर करीब 50 करोड़ रुपए (एक करोड़ डॉलर) का इनाम रखा है.

अमरीका ने यह इनाम हाफिज सईद को पकड़ने या पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी देने के लिए रखा है.

भारत हाफिज सईद को 26/11 को मुंबई पर हुए हमले का 'मास्टर माइंड' मानता है. इस हमले में 160 लोग मारे गए थे.

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