ज़रदारी की भारत यात्रा का पाकिस्तान में विरोध

ज़रदारी और मनमोहन सिंह
Image caption राष्ट्रपति ज़रदारी रविवार को दोपहर के भोजन पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुलाकात करेंगे.

पाकिस्तान में पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के विरोधी राजनीतिक और धार्मिक दलों ने राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की भारत यात्रा का कड़ा विरोध करते हुए उसे स्थागित करने की माँग की है.

राष्ट्रपति आसिफ ज़रदारी रविवार को एक दिवसीय यात्रा पर भारत जा रहे हैं और सरकार का कहना है वह राष्ट्रपति का निजी दौरा है.

वह ऐसे समय में भारत जा रहे हैं जब अमरीका ने चरमपंथी गुट जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद को पकड़ने या पकड़ने में मदद देने वाली जानकारी के लिए इनाम की घोषणा की है.

राष्ट्रपति भवन ने करीब एक सप्ताह पहले राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की भारत यात्रा की सूचना दी थी तो उस समय यात्रा का कोई विरोध नहीं हुआ था.

राष्ट्रपति ज़रदारी की भारत यात्रा के खिलाफ सुर उस समय तीखे हुए जब अमरीकी वरिष्ठ मंत्री ने अपनी भारत यात्रा के दौरान जानकारी दी कि अमरीकी प्रशासन ने हाफिज़ सईद पर इनाम की घोषणा की है.

गिलानी का बचाव

बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में विपक्ष ने राष्ट्रपति ज़रदारी की भारत यात्रा की कड़ी आलोचना की और विपक्ष के नेता चौधरी निसार अली खान ने कहा कि राष्ट्रपति को बिना किसी कार्यक्रम के भारत की यात्रा नहीं करनी चाहिए.

प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने राष्ट्रपति ज़रदारी का बचाव किया और संसद को बताया कि यह उनकी निजी यात्रा है और राष्ट्रपति कई सालों से अजमेर शरीफ़ जाने के इच्छुक थे.

संसद के बाहर धार्मिक और प्रतिबंधित गुटों के नए संगठन दिफाए पाकिस्तान भी राष्ट्रपति की भारत यात्रा का कड़ा विरोध कर रहा है.

संगठन के अध्यक्ष मौलाना समीउलहक़ ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि अमरीका ने भारत के कहने पर हाफिज़ सईद पर इनाम रखा है इसलिए राष्ट्रपति को विरोध में भारत की यात्रा नहीं करनी चाहिए.

वह कहते हैं, “आपको पता होगा कि भारत ने अपनी हॉकी टीम को पाकिस्तान आने से रोक दिया है और एक तरफ तो यह हालात हैं और दूसरी ओर हमारे राष्ट्रपति भारत का निजी दौरा कर रहे हैं.”

उन्होंने बताया कि अगर राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा स्थागित नहीं की तो उनका दल राष्ट्रपति के खिलाफ जनता को सड़कों पर लाएगा.

दरगाह पर हाज़िरी

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Image caption धार्मिक और सरकार विरोधी राजनीतिक दलों ने भी राष्ट्रपति ज़रदारी की भारत का विरोध किया है.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति ज़रादरी रविवार को दिल्ली जा रहे हैं जहाँ वे भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ लंच करेंगे और बाद में अजमेर जाएँगे जहाँ ख्वाज़ा मुईनुद्दीन चिश्ती की मज़ार पर हाज़री देंगे.

धार्मिक गुट जमाते इस्लामी के हमेशा से ही भारत विरोधी विचार रहे हैं और राष्ट्रपति की भारत यात्रा में उसने भी बहती गंगा में हाथ धो लिए हैं.

जमाते इस्लामी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मियाँ असमल ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा, “जो पाकिस्तान को नष्ट करना चाहता है और उसने कश्मीर पर कब्जा किया हुआ है तो राष्ट्रपति को ऐसे देश की यात्रा नहीं करनी चाहिए.”

उनके मुताबिक अगर राष्ट्रपति ने भारत की यात्रा स्थागित नहीं की तो उनकी पार्टी दूसरे दलों से मिलकर उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति आसिफ ज़रदारी की भारत यात्रा का वही दल विरोध कर रहे हैं जो हमेशा से पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसियों के करीब रहे हैं. यही दल भारत के साथ व्यापार की भी कड़ी आलोचना करते रहे हैं.

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