पाकिस्तानी अखबारों में छाई जरदारी की भारत यात्रा

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Image caption पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी दूसरी बार अजमेर आ रहे हैं

पाकिस्तान के समाचार पत्रों ने राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की भारत यात्रा को दोनों देशों के बेहतर संबंधों के लिए काफी महत्वपूर्ण बताया है.

अधिकतर अख़बारों ने अपने पहले पन्नें पर राष्ट्रपति आसिफ ज़रदारी की उस तस्वीर को जगह दी है, जिसमें वे प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी और सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कियानी से मुलाकात कर रहे हैं.

उस तस्वीर में विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर, गृह मंत्री रहमान मलिक और विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी भी दिख रहे हैं.

अंग्रेज़ी अखबार 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' लिखता है कि राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने भारत जाने से पहले प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी और सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कियानी से विस्तृत मुलाकात की.

अखबार आगे लिखता है कि मुलाकात में निश्चित रुप से पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया लेकिन भारत भी शीर्ष पर था.

भारत यात्रा पर चर्चा

अंग्रेज़ी के एक ओर अखबार 'डेली दी न्यूज़' ने राष्ट्रपति के भारत दौरे को दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने की दिशा में काफी अहम बताया है.

अखबार ने सूत्रों से हवाले से लिखा है कि राष्ट्रपति जरदारी भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ होने वाली अपनी मुलाकात में पाँच बिंदुओं पर बातचीत करेंगे, जिसमें कश्मीर, पाकिस्तान के रास्ते व्यापार के लिए भारत को अफगानिस्तान तक पहुँच, दोनों ओर सेना की गतिविधियों को कम करना और पाकिस्तानी रेलवे में भारत का सहयोग शामिल है.

'डेली नेशन' ने भी राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की भारत यात्रा वाली खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. साथ ही अखबार ने जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद का इंटरव्यू भी छापा है.

इस इंटरव्यू में उन्होंने राष्ट्रपति जरदारी की भारत यात्रा का कड़ा विरोध किया है और कहा है कि दुश्मन, पाकिस्तान की ताकत को खत्म करना चाहते हैं और बलूचिस्तान को उससे अलग करना चाहते हैं, जिसमें भारत का भी बड़ा हाथ है.

उर्दू अखबार 'रोज़नामा एक्सप्रेस' लिखता है कि राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी 47 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत जा रहा हैं, जिसमें उनका बेटा बिलावल भुट्टो ज़रदारी, गृह मंत्री रहमान मलिक और विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी भी शामिल हैं.

बाल ठाकरे का बयान

अंग्रेज़ी का अख़बार 'पाकिस्तान टुडे' लिखता है कि हालांकि अधिकारियों के मुताबिक यह राष्ट्रपति की निजी यात्रा है लेकिन राजनीतिक मामलों को लेकर यह यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण हैं.

अख़बार आगे लिखता है कि राष्ट्रपति ज़रदारी एक नाज़ुक दौर में भारत की यात्रा कर रहे हैं और जो दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने की दिशा में बहुत ही अहम है.

उर्दू के अखबार 'रोजनामा जंग' ने शिव सेना के प्रमुख बाल ठाकरे के बयान को पहले पन्ने पर जगह दी है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की भारत यात्रा का कड़ा विरोध किया है.

अखबार ने उनका बयान प्रकाशित किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत पर बुरी नज़र रखने वालों की अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर दुआएँ कबूल नहीं होती हैं.

दूसरी ओर पाकिस्तानी टीवी चैनल भी राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की भारत यात्रा को लगातार कवर कर रहे हैं.

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