पाकिस्तान: हिंदू धार्मिक नेता की रिहाई की मांग

  • 10 अप्रैल 2012
हिंगलाज मंदिर, पाकिस्तान इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption बलूचिस्तान के हिंगलाज मंदिर में बैठे श्रृद्धालु.

पाकिस्तान हिंदूपरिषद ने धार्मिक नेता गंगाराम मोटियाणी के अपहरण पर चिंता व्यक्त की है और उनकी तुरंत रिहाई की माँग की है.

गंगाराम मोटियाणी पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के बड़े तीर्थ स्थान हिंगलाज की सेवा मंडली के प्रमुख थे और उन्हें छह अप्रैल को बलूचिस्तान के जिले लसबेला से अगवा किया गया था.

हिंगोल नदी के किनारे स्थित हिंगलाज माता का मंदिर ज़िला लसबेला में है और हर साल भारत सहित कई देशों से हज़ारों की संख्या में हिंदूतीर्थ यात्री इस स्थान पर आते हैं.

पाकिस्तान हिंदूपरिषद के अध्यक्ष जेठानंद कोहिस्तानी ने बीबीसी हिंदी से बातचीत करते हुए कहा कि छह अप्रैल को गंगाराम अपने दुकान पर बैठे हुए थे कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी में आए और उन्हें अपने साथ ले गए.

जेठानंद के अनुसार स्थानीय प्रशासन और पुलिस उनकी रिहाई के लिए कोशिशें कर रहे हैं लेकिन अभी तक गंगाराम मोटियाणी के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है.

उनके मुताबिक उनका गंगाराम मोटियाणी का किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं था और न ही इससे पहले कभी उनको कोई धमकी मिली थी.

गंगाराम मोटियाणी हिंगलाज माता के मंदिर में आने वालों लोगों की सेवा करते थे.

जेठानंद ने बताया कि पाकिस्तान हिंदू परिषद ने गंगराम की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन किया है और पुलिस और सरकार तक अपनी आवाज़ पहुँचाई है.

उन्होंने बताया कि पुलिस और बलूचिस्तान की सरकार ने आश्नासन दिया है कि वह तुरंत गंगाराम की रिहाई करवाएँगे.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान में हिंदुओं के अपहरण की घटनाएँ सामान्य सी बात है और यह अपहरण फिरौती के लिए किए जाते हैं.

पाकिस्तान हिंदू परिषद के अनुसार पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 70 लाख से ज़्यादा है और सबसे ज़्यादा हिंदू सिंध प्रांत में रहते हैं.

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