चरमपंथियों का साथ छोड़ने पर सात की हत्या

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Image caption दुर्गम कबायली इलाके चरमपंथियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह साबित होते हैं

पाकिस्तान के कबायली इलाके खैबर एजेंसी में चरमपंथियों का साथ छोड़ चुके सात लोगों की हत्या कर दी गई.

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये सभी लोग लश्करे इस्लाम से जुड़े थे और पिछले कुछ महीनों में इससे अलग हो गए थे.

स्थानीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि सात लोगों के शव तालुका बाड़ा से करीब 10 किलोमीटर दूर एक नाले में मिले, जिनमें तीन के गले कटे हुए थे और चार को गोलियों से छलनी किया गया था.

उन्होंने बताया कि मरने वालों की उम्र 25 साल से कम थी और उनमें प्रतिबंधित चरमपंथी गुट लश्करे इस्लाम के तीन वरिष्ठ नेता हज़रत खान, मुजीब और रहमान भी शामिल हैं.

चरमपंथ से 'तौबा की सजा'

स्थानीय लोगों ने टेलीफोन पर बीबीसी को बताया कि सभी शव स्थानीय लोगों के हैं और वे चरमपंथी गुट लश्करे इस्लाम के साथ किसी मुद्दे पर बातचीत करने गए थे और उसके बाद से गायब हो गए.

उन्होंने बताया कि ये सभी लोग लश्करे इस्लाम के चरमपंथी थे लेकिन दो महीने पहले उन्होंने संगठन और चरमपंथी गतिविधियों को छोड़ दिया था और आम लोगों की तरह जीवन बिता रहे थे.

लोगों का कहना है कि चरमपंथी गुट लश्करे इस्लाम ने कई बार इन लोगों को धमकियाँ दी थी कि वे गुट में फिर से शामिल हो जाएँ वरना उनकी हत्या कर दी जाएगी.

अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि उन लोगों को लश्करे इस्लाम के चरमपंथी किसी बहाने से अपने ठिकाने पर ले गए और वहीं उनकी हत्या कर दी गई.

हत्याओं का सिलसिला

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अधिकारियों के मुताबिक कबायली इलाकों में कई प्रतिबंधित चरमपंथी गुट इस प्रकार की घटनाओं में लिप्त रहे हैं.

जिस जगह से ये शव मिले हैं, वह लश्करे इस्लाम के प्रमुख मंगल बाग के निवास से कुछ ही दूरी पर है. पहले भी इस इलाके से 14 शव मिले थे.

खैबर एजेंसी और अन्य कबायली इलाकों में काफी समय से अगवा लोगों के शव मिलने का सिलसिला जारी है, जिसकी तादाद अब सैंकड़ों तक पहुँच गई है.

जिन लोगों के शव मिले हैं उनमें से कुछ सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बाद गायब हो गए जबकि कुछ लोगों को चरमपंथियों ने अगवा किया.

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