भारत और पाकिस्तान सियाचिन से सेना वापस बुलाएँ: जनरल कियानी

  • 18 अप्रैल 2012
जनरल अशफाक परवेज कियानी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption जनरल कियानी ने राष्ट्रपति जरदारी के साथ सियाचिन का दौरा किया जहाँ हिम्सखलन में पाकिस्तानी सैनिक दब गए हैं.

पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज़ कियानी ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को सियाचिन सहित सभी मुद्दे जनता के विकास के लिए सुलझाने चाहिए और दोनों देशों के लिए ज़रुरी है कि वह शांत रहें.

उन्होंने यह बात सियाचिन के गयारी सेक्टर का दौरा करने के बाद स्कार्दू में पत्रकारों से कही. उस समय राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और गृह मंत्री रहमान मलिक भी वहाँ मौजूद थे.

सेनाध्यक्ष ने कहा कि सियाचिन पाकिस्तान और भारत के लिए एक कठिन मोर्चा है और दोनों को सेना वापस बुलानी चाहिए क्योंकि दोनों देशों को बहुत पैसा खर्च करना पड़ता है.

उन्होंने आशा जताई कि सियाचिन का मुद्दा तुंरत हल हो जाएगा.

उन्होंने कहा, “सियाचिन का मुद्दा हल होना चाहिए और यह कैसे हल करना है इस बारे में दोनों देशों को बातचीत करनी चाहिए. एक समय पर हम इस मुद्दे के हल के बहुत करीब पहुँच गए थे लेकिन हल नहीं हुआ. हमें अपनी जनता के विकास के लिए यह मुद्दा हल करना चाहिए.”

'कियानी का अगल बयान'

कुछ राजनेताओं और विश्लेषकों का विचार है कि सेना हमेशा से भारत के साथ संबंध बहतर करने का विरोध करती रही है क्योंकि इसी के कारण बड़ी संख्या में वहाँ सेना रखने का कारण बनता है.

लेकिन सेनाध्यक्ष ने इस धारणा को रद्द कर दिया है और अतीत में पाकिस्तान में ऐसे अवसर कम आए हैं कि सेनाध्यक्ष जनता के विकास की बात करे और भारत के साथ सभी मुद्दे हल करने के लिए बयान दे.

उन्होंने कहा कि सियाचिन के हल के लिए बातचीत के कई दौर हुए और अंतिम बार डेढ़ साल पहले पाकिस्तान के रक्षा सचिव भारत गए थे.

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि रक्षा पर खर्च कम हो और जनता विकास पर ज्यादा हो और इस बात का कोई विरोध भी नहीं करता है.”

'हिमस्खलन की घटना'

ग़ौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि सियाचिन मुद्दे को हल करने के लिए पाकिस्तान को पहल करनी चाहिए.

उन्होंने गिलगित बल्टिस्तान की सियाचिन घाटी का दौरा किया था जहाँ सात अप्रैल को सियाचिन ग्लेशियर के पास आए हिमस्खलन के कारण एक सैन्य अड्डा चपेट में आ गया था.

इस हिमस्खलन में दबे 124 पाकिस्तानी सैनिकों और 11 नागरिकों को निकालने का काम जारी है. ये सैनिक नॉर्दन लाइट इंफेन्ट्री रेजीमेंट के थे जिन्हें पहाड़ों पर अभियान में ट्रेनिंग दी जाती है.

नवाज शरीफ ने हैलिकॉप्टर के लिए जरिए उस घटनास्थल का दौरा किया था क्योंकि खराब मौसम के कारण उन्हें वहाँ न उतरने की सलाह दी गई थी.

बाद में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सियाचिन में सेना के बचाव कार्य की प्रशंसा की थी और सेना को बताया था कि भारत के साथ सियाचिन के मुद्दे के हल का अब समय आ गया है.

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