ओसामा का परिवार सऊदी अरब निर्वासित

ओसामा के परिवार का निर्वासन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption इस्लामाबाद में परिवार एक बरस तक हिरासत में रहा

अधिकारियों का कहना है कि ओसामा बिन लादेन की तीन विधवाओं और बच्चों को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से सऊदी अरब भेज दिया गया है.

माना जाता है कि उनके कुल 11 बच्चे हैं.

तीनों विधवाओं और बच्चों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक मिनी बस में इस्लमाबाद स्थित बंगले से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भेजा गया जहाँ एक विशेष विमान उनका इंतजार कर रहा था.

ओसामा बिन लादेन को पिछले साल दो मई को उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के शहर ऐबटाबाद में अमरीकी फ़ौज की एक कार्रवाई में मार दिया गया था.

अमरीकी कार्रवाई के बाद ओसामा बिन लादेन की विधवाओं और बच्चों को पाकिस्तानी प्रशासन ने हिरासत में ले लिया था.

सजा पूरी

ओसामा बिन लादेन की पत्नियों और दो बड़े बच्चों के खिलाफ प्रशासन ने अवैध रुप से पाकिस्तान में रहने का मामला दर्ज किया था.

इस मामले में अदालत ने उन्हें 45 दिनों की कैद की सजा सुनाई थी. इसके अलावा उन्हें पाकिस्तान से निर्वासित किए जाने की सजा भी सुनाई गई थी.

ओसामा की तीनों विधवाओं और बच्चों को इस्लामाबाद में ही एक बंगले में रखा गया था. अधिकारियों ने इसे उप-जेल का रुप दे दिया था.

पिछले हफ़्ते ही इनकी कैद की सजा पूरी हुई है.

पाकिस्तान के गृहमंत्रालय ने एक बयान में कहा है, "अदालत के फैसले के मुताबिक ओसामा बिन लादेन के परिवार के 14 सदस्यों को निर्वासित किया जा रहा है."

बयान में कहा गया है, "उन्हें एक बंगले में सुरक्षित ढंग से रखा गया था और अब उन्हें उनके पसंद के आधार पर सऊदी अरब निर्वासित किया जा रहा है."

जिस बंगले में ओसामा बिन लादेन का परिवार रह रहा था, वहाँ मौजूद बीबीसी संवाददाता ट्यूलिप मजूमदार का कहना है कि परिवार के बैठने के बाद मिनी बस को पुलिस ने ढँक दिया.

गोपनीय जानकारियाँ

ओसामा बिन लादेन की पहली दो पत्नियाँ सऊदी अरब की हैं लेकिन तीसरी और छोटी पत्नी अमाल अब्दुलफतह यमन की हैं.

ये माना जाता है कि वे बाद में यमन लौटना चाहेंगीं.

इस्लमाबाद में बीबीसी संवाददाता अलीम मकबूल का कहना है कि तीसरी पत्नी से हुई पूछताछ से जो जानकारियाँ हासिल हुईं उसका कुछ हिस्सा पाकिस्तान ख़ुफ़िया विभाग ने लीक की हैं और इसी से पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की गतिविधियों के बारे में पता चला है.

इस जानकारी के अनुसार ऐबटाबाद में मारे जाने से पहले ओसामा बिन लादेन अपने परिवार के साथ 10 वर्षों तक यहाँ वहाँ भटकते रहे.

संवाददाताओं का कहना है कि इसके अलावा बहुत सी अहम जानकारियाँ अब ओसामा बिन लादेन के परिवार के चले जाने से अनकही ही रह जाएँगीं.

संवाददाताओं का कहना है कि ओसामा के परिवार के चले जाने के बाद पाकिस्तान को उम्मीद होगी कि इसके साथ ही ओसामा बिन लादेन का अध्याय खत्म हो जाएगा.

इस अध्याय में पाकिस्तान के हिस्से बहुत सी किरकिरी आई.

पाकिस्तान सरकार कहती है कि ये बात उसकी जानकारी में नहीं थी कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में रह रहे थे.

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