अगवा ब्रितानी की पाकिस्तान में हत्या

  • 29 अप्रैल 2012
Image caption खलील डाले को जनवरी महीने में अगवा किया गया था.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक जनवरी में अगवा हुए एक ब्रितानी सहायताकर्मी को मृत पाया गया है.

60 वर्षीय खलील डेल अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के लिए काम करते थे.

उनका शव क्वेटा के एक बगीचे में मिला है.

स्थानीय पुलिस के मुताबिक शव के साथ एक नोट भी बरामद किया गया है जिसमें लिखा है कि उनकी हत्या तालेबान ने की है.

नोट में ये भी लिखा गया है कि हत्या से संबंधित वीडियो भी जारी किया जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस ने स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक खलील डेल की हत्या को बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया है.

ऐसा माना जाता है कि उन्हें अगवा करनेवाले चरमपंथियों ने फिरौती की बड़ी राशि की मांग की थी जिसे अदा नहीं किया जा सका था.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने डाले की हत्या को क्रूरतापूर्ण और संवेदनहीन करार दिया है.

गहरा दुख

दक्षिण पश्चिमी स्कॉटलैंड के रहनेवाले डेल अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और ब्रितानी रेड क्रॉस के लिए कई वर्षों से काम करते थे और उन्होंने सोमालिया, अफगानिस्तान और इराक में अपनी सेवाएं दी थीं.

जनवरी महीने में जब वो कार्यस्थल से घर की ओर लौट रहे थे तो उन्हें अज्ञात बंदूकधारियों ने अगवा कर लिया था.

आईसीआरसी के महानिदेशक वेस डैकॉर्ड ने कहा है,''आईसीआरसी इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है. आईसीआरसी और ब्रितानी रेड क्रॉस दुख की इस घड़ी में खलील के परिजनों और मित्रों के साथ खड़े हैं. हम इस घटना से स्तब्ध हैं.''

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाके से सटे क्वेटा में चरमपंथ की समस्या है.

वहां तालिबान चरमपंथियों की मौजूदगी तो है ही लेकिन साथ ही बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलनों को लेकर भी हिंसा होती रहती है.

पिछले साल अगस्त में 70 साल के एक अमरीकी सहायताकर्मी को लाहौर में अगवा कर लिया गया था.

अलकायदा प्रमुख अयमन अल जवाहिरी ने बाद में एक वीडियो टेप जारी कर कहा था कि अगर अमरीका अफगानिस्तान और पाकिस्तान में हवाई हमले बंद कर देगा तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा.

उसके बाद से उनकी कोई खबर नहीं है.

संबंधित समाचार