लादेन की विधवाओं का सऊदी अरब में स्वागत

  • 30 अप्रैल 2012
ओसामा के परिवार का निर्वासन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption अदालत के फैसले और सजा पूरी होने के बाद ओसामा के परिवार को उनकी इच्छा के मुताबिक साउदी अरब भेज दिया गया.

सऊदी अरब के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें पाकिस्तान से आईं ओसामा बिन लादेन की विधवाओं और बच्चों पर किसी भी तरह का कोई शक नहीं है.

पिछले सप्ताह ही ओसामा बिन लादेन की तीन विधवाओं और ग्यारह बच्चों को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से सऊदी अरब भेजा गया था.

सऊदी अरब के प्रवक्ता का कहना है कि उनके देश ने इस निर्वासित परिवार को मानवता के आधार पर अरब में शरण दी है.

समाचार एजेंसी एएफपी के हवाले से प्रवक्ता ने कहा है, "सऊदी अरब ने मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें शरण दी है. साथ ही उनके खिलाफ आपराधिक और गैर-कानूनी कृत्य के सबूत या रिपोर्ट भी नहीं हैं."

प्रवक्ता ने ये भी कहा कि गुरुवार की रात को जब ओसामा का परिवार जेद्दा पहुंचा, तब रिश्तेदारों ने उनका स्वागत किया.

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि ओसामा के परिवार ने अपनी मर्जी से सऊदी अरब को ही चुना था.

इन तीनों विधवाओं और बच्चों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक मिनी बस में इस्लमाबाद स्थित बंगले से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भेजा गया जहाँ एक विशेष विमान उनका इंतजार कर रहा था.

ओसामा बिन लादेन को पिछले साल दो मई को उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के शहर ऐबटाबाद में अमरीकी फ़ौज की एक कार्रवाई में मार दिया गया था.

अमरीकी कार्रवाई के बाद ओसामा बिन लादेन की विधवाओं और बच्चों को पाकिस्तानी प्रशासन ने हिरासत में ले लिया था.

सजा पूरी

बाद में ओसामा बिन लादेन की पत्नियों और दो बड़े बच्चों के खिलाफ प्रशासन ने अवैध रुप से पाकिस्तान में रहने का मामला दर्ज किया था.

इस मामले में अदालत ने उन्हें 45 दिनों की कैद की सजा सुनाई थी. इसके अलावा उन्हें पाकिस्तान से निर्वासित किए जाने की सजा भी सुनाई गई थी.

ओसामा की तीनों विधवाओं और बच्चों को इस्लामाबाद में ही एक बंगले में रखा गया था. अधिकारियों ने इसे ही जेल में बदल दिया था का रुप दे दिया था.

पिछले हफ़्ते ही इनकी कैद की सजा पूरी हुई है.

पाकिस्तान के गृहमंत्रालय ने एक बयान में कहा है, "अदालत के फैसले के मुताबिक ओसामा बिन लादेन के परिवार के 14 सदस्यों को निर्वासित किया जा रहा है."

बयान में कहा गया है, "उन्हें एक बंगले में सुरक्षित ढंग से रखा गया था और अब उन्हें उनके पसंद के आधार पर सऊदी अरब निर्वासित किया जा रहा है."

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