शरीफ पर तीन करोड़ के घोटाले का आरोप

मलिक
Image caption रहमान मलिक ने दावा किया कि वे संबंधित लोगों को गिरफ्तार तक करा सकते थे पर उन्होंने जांच को प्राथमिकता दी

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी नेता नवाज शरीफ और उनके परिवार पर 3.2 करोड़ डॉलर के वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया है.

पाकिस्तान के गृह मंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन को बताया कि वे इस बारे में अगले हफ्ते नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो यानी राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो को लिखित जानकारी देंगे और यदि मांग की गई तो न्यायालय में दस्तावेज पेश करेंगे.

उधर नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के प्रमुख नेता सीनेटर परवेज रशीद ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इन्हें 'झूठ का पुलिंदा बताया है.'

रशीद का कहना था, "झूठे आरोप लगाने की जगह बेहतर होगा कि मलिक अपने आका कि कारगुजारी का ब्योरा पेश करें नहीं तो उन्हें आने वाले दिनों में उन्हें शरमिंदा होना पड़ेगा."

'सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले'

उधर रहमान मलिक ने कहा वे सुप्रीम कोर्ट के आग्रह करेंगे कि वे अपने आप इस 'कांड' का संज्ञान ले.

रहमान मलिक का कहना था कि वे फेड्रल जांच ब्यूरो से इस मामले से संबंधित लोगों को खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कह सकते थे और संबंधित लोगों को गिरफ्तार भी करा सकते थे लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो की स्वतंत्र जाँच को प्राथमिकता दी है.

रहमान का आरोप है कि शरीफ परिवार की हुदाबिया पेपर मिल्स ने मेसर्स आल्टोफीक कंपनी से निवेश का करार किया जिसका मकसद लगभग 1.2 करोड़ डॉलर कागज बनाने की मशीनरी लीज पर लेना था.

रहमान मलिन ने आरोप लगाया कि नवाज शरीफ के भाइयों शहबाज शरीफ और अब्बास शरीफ ने हुदाबिया मिल्स के एक करोड़ डॉलर तक के सभी कर्ज संयुक्त तौर पर देने की गारंटी दी थी लेकिन हुदाबिया मिल्स ने अल तौफीक कंपनी को कर्ज नहीं चुकाया.

उन्होंने नवाज शरीफ पर कई और आरोप भी लगाए हैं जिनका पीएमएल (एन) के नेता परवेज रशीद ने खंडन किया है.

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