'ऐबटाबाद कार्रवाई दिखाती है अमरीकी महारत'

Image caption ऐबटाबाद में ओसामा के घर को अब ध्वस्त कर दिया गया है

“दुनिया का सबसे बड़ा लक्ष्य जिसके खिलाफ शायद परमाणु बम भी इस्तेमाल हो सकते थे लेकिन अमरीकी सैनिकों ने बड़ी सफाई के साथ उनको उठाया और मार दिया, यह अमरीकी सैनिकों की महारत दर्शाती है.”

यह शब्द वरिष्ठ वकील मोहम्मद आसिफ खान के हैं, जो ऐबटाबाद स्थित बिलाल टाउन के निवासी हैं. दो मई 2011 को यहीं अमरीकी सैनिकों ने खुफिया कार्रवाई कर ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

वो उस कार्रवाई की सफलता का पूरा श्रेय अमरीकी सैनिकों को देते हैं और बताते हैं कि सैनिकों ने बड़ी सफाई के साथ अपने लक्ष्य को मारा जिसमें न तो आस पड़ोस में जान का नुकसान हुआ और न ही पड़ोस की कोई संपत्ति टूटी.

बीबीसी से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “यह सच में अमरीकियों की महारत जाहिर करती है और उनकी इंसानियत भी जाहिर होती है कि उन्होंने हमारे साथ अच्छा बर्ताव किया.”

कबायिली रीत

वो कहते हैं कि जब उनको पता चला कि अमरीकी सैनिकों ने ओसामा बिन लादेन को मार दिया है तो उन्हें काफी आश्चर्य हुआ कि कितनी महारत से लोगों ने एक खास कबायली रीति के तहत उनको यहाँ रखा था.

आसिफ खान का कहना है कि उनको कबायली शरण में रखा गया और एक बड़ा घर बनाया गया, जिस तरह के आमतौर पर कबायली इलाकों में होते हैं, इसलिए स्थानीय लोगों को ज्यादा संदेह नहीं हुआ था.

उन्होंने कहा, “दो मई 2011 से करीब एक महीने पहले मैं अपने डॉक्टर दोस्त के साथ उस घर के पास से गुजरा था तो मुझे संदिग्ध लगा था.”

ओसामा बिन लादेन के खिलाफ की गई कार्रवाई से आम लोगों के जीवन पर प्रभाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी काफी प्रभावित हुई है और घटना के बाद गरीब लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है.

उन्होंने कहा, “हमारे मुल्क में बहुत सारे आतंकवादी थे जो पाकिस्तान से पकड़े गए हैं और उनके हवाले हुए हैं, जो अभी भी अफगानिस्तान की जंग के दौरान यहाँ आए हैं तो यह भी उसकी एक कड़ी थी.”

आसिफ खान ने बताया कि ओसामा बिन लादेन की मौत से करीब डेढ़ महीने पहले बाली बम धमाकों के अभियुक्त उमर पाटेक को भी ऐबटाबाद से गिरफ्तार किया गया था.

दुनिया के बड़े चरमपंथियों की ऐबटाबाद में मौजूगी का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐबटाबाद काफी शांत शहर है इसलिए यहाँ लोग आते हैं और छिप जाते हैं.

उन्होंने कहा कि ऐबटाबाद के लोग अपने मेहमानों का काफी स्वागत करते हैं और लोगों से अच्छा बरताव करते हैं इसलिए दो मई की घटना के बाद उनकी अच्छाई लोगों को मंहगी पड़ी है.

संबंधित समाचार