करीबी मित्र चीन भी सामान्य भारत-पाक संबंधों के पक्ष में: पाक

  • 7 मई 2012
यूसुफ रजा गिलानी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption प्रधानमंत्री गिलानी ने लाहौर में भारतीय व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि चीन भी चाहता है कि पाकिस्तान के भारत के साथ संबंध सामान्य हों.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का सबसे करीबी दोस्त और सामरिक साझेदार चीन भी सामान्य भारत-पाक संबंधों के पक्ष में है. उन्होंने संतोष व्यक्त किया है कि पाकिस्तान और भारत के व्यापारी आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाश कर रहे हैं.

उन्होंने यह बात लाहौर में जंग ग्रुप और टाइम्स ऑफ इंजिया द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘बिज़नेस कॉंफ्रंस’ को संबोधित करते हुए कही. उस सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ व्यापारी भाग ले रहे हैं.

उन्होंने कहा, “यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए निजी क्षेत्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह संतोष की बात है कि दोनों देशों के व्यापारी आर्थिक सहयोग के नए अवसर खोज रहे हैं.”

प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के व्यापारी इस क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं और गरीबी और बीमारी दोनों देशों के लोगों की किस्मत नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने भारतीय व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा, “आपकी उपस्थिति उस महत्व को रेखांकित करती है कि उज्जवल भविष्य के लिए व्यापारी दोनों देशों में शांति और संबंधों में बेहतरी चाहते हैं.”

शांति का संदेश

उनके मुताबिक आर्थिक विकास का पहिया क्षेत्रीय तनाव और लड़ाई की वजह से आगे नहीं बढ़ा रहा है और इस के लिए शांति की जरुरत है.

बिज़्नेस कॉंफ्रंस पर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जंग ग्रुप और टाइम्स ऑफ इंडिया ने शांति और आर्थिक सहयोग के संदेश को उस समय आगे बढ़ाया जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर थे.

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के संबंधों में काफी उथल पुथल रही है और उनकी सरकार ने भारत से संबंध बहतर करने के एजंडे पर कायम है.

उन्होंने कहा कि व्यापार दोनों देशों के लिए लाभदायक है और इसे दोनों देशों की जनता को फायदा होगा और क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुलेंगे.

व्यापारी आगे बढ़ें

गिलानी ने कहा कि वे मानते हैं कि संबंधों में आने वाली बाधाओं को खत्म करने के लिए दोनों देशों को साझा कोशिश करनी पड़ेगी और इसमें व्यापारी अहम भूमिका अदा कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, “हमारे लोग अतीत में खराब संबंधों से काफी प्रभावित हुए. हमारे लोग गरीबी और निरक्षरता में फंसे हुए हैं, वह पीने के साफ पानी से वंचित हैं. यह दोनों लोकतंत्र के नागरिक हैं और इनको बहतर सुविधाएँ देनी चाहिएँ.”

प्रधानमंत्री गिलानी ने आश्वासन दिया कि दोनों देशों की सरकारें संबंधों को बहतर बनाने के लिए वचनबद्ध हैं और दोनों ने काफी समय बर्बाद किया और अब समय खराब नहीं करना चाहिए.

ग़ौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के लोगों को करीब लाने के लिए जंग ग्रुप और टाइम्स ऑफ इंडिया ने वर्ष 2009 में ‘अमन की आशा’ के नाम से एक कार्यक्रम शुरु किया था.

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