पाक:नेटो लाइन खोलने का समझौता तैयार करने का आदेश

  • 17 मई 2012
नेटो सप्लाई रूट इमेज कॉपीरइट BBC World Service

पाकिस्तान में कैबिनेट ने अधिकारियों को आदेश दे दिया है कि वो जल्द से जल्द अफगानिस्तान में नेटो को सप्लाई लाइन बहाल करने के लिए समझौते को अंतिम रूप दें. हालांकि ये घोषणा नहीं की गई है कि ये लाइनें कब खुलेंगीं.

पिछले साल नवंबर में नेटो के एक हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में नेटो के लिए जाने वाली सामग्री की सप्लाई लाइन बंद कर दी थी.

अमरीका ने भी कहा है कि अब इस दिशा में काफी प्रगति हुई है. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वो इस सप्ताहांत अफगानिस्तान पर होने वाले नेटो सम्मेलन से पहले लाइनें खुलवाने पर काम कर रहा है.

नेटो रूट पर दूतावासों को धमकी की चिट्ठी

शिकागो में होने वाले इस शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी आएँगे.

नेटो ने कहा है कि लाइनें खोलने और सम्मेलन में आने से पाकिस्तान को अफगानिस्तान के भविष्य में ठोस भूमिका मिल सकती है. नेटो की योजना है कि 2014 में वहाँ से सैनिक हटा लिए जाएँ.

शिकागो जाएँगे जरदारी

बुधवार को पाकिस्तानी कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना मंत्री क़मर ज़मन कैरा ने कहा कि नाकेबंदी हटाने की कोई समयसीमा तय नहीं की गई है.

वहीं प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का कहना है कि अमरीका और नेटो के साथ संबंध काफी नाजुक दौर से गुजर रहे हैं जहाँ अहम फैसले लेने होंगे ताकि क्षेत्र में पाकिस्तान की सामरिक अहमियत बनी रहे.

कैबिनेट ने नेटो सम्मेलन में पाकिस्तानी राष्ट्रपति को बुलाए जाने का स्वागत किया है जिसके बाद उनके शिकागो जाने का रास्ता साफ हो गया है.

संवाददाताओं का कहना है कि नेटो सप्लाई लाइनें खोलने के फैसले पर सरकार को विपक्ष और धार्मिक संगठनों का कड़ा विरोध झेलना पड़ेगा.

बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक पाकिस्तानी नेतृत्व ने शायद ये सोचा होगा कि नाकेबंदी करने से उलटा असर हो रहा है और इस वजह से अफगानिस्तान का भविष्य तय करने में पाकिस्तान हाशिया पर जा रहा है.

पिछले साल दिसंबर में बॉन में अफगानिस्तान पर हुए सम्मेलन में पाकिस्तान ने हिस्सा नहीं लिया था.

पाकिस्तान ने अमरीका के साथ संबंधों के लिए अप्रैल में नए दिशा निर्देश निकाले थे. सांसदों का कहना था कि अमरीका ड्रोन हमले रोके और नवंबर हमलों के लिए बिना शर्त माफी माँगे.

पाकिस्तानी सांसद ये भी चाहते हैं कि अफगानिस्तान के लिए सप्लाई लाइन इस्तेमाल करनी हो तो नेटो पाकिस्तान को फीस दे. जैसे- जैसे 2014 करीब आएगा सप्लाई लाइनें और भी अहम हो जाएँगी क्योंकि नेटो को वहाँ एक दशक से जमा उपकरण हटाने होंगे.

संवाददाताओं के मुताबिक अमरीका ने हाल के समय में पाकिस्तान पर निर्भरता कम की है और वो मध्य एशिया का रूट इस्तेमाल कर रहा है जो ज्यादा महंगा पड़ता है.

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