नेटो आपूर्ति ही नहीं अफगान छात्रों की किताबें भी रुकीं

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पाकिस्तान के रास्ते नेटो आपूर्ति पर रोक की वजह से अमरीका और नेटो गठबंधन का तो बहुत नुकसान हो रहा है वहीं अफगानिस्तान के छात्रों का भविष्य भी नष्ट हो रहा है.

पिछले कुछ सालों से नेटो गठबंधन अफगानिस्तान के छात्रों को मुफ्त में पाठ्यक्रम की पुस्तकें दे रहा है और इसी साल यह पुस्तकें छात्रों तक नहीं पहुँच सकी हैं.

पाकिस्तान में अफगानिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक सैयद मोहम्मद इब्राहिम खेल ने पेशावर विश्वविद्यालय में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नेटो की ओर से दी गई पाठ्यक्रम की पुस्तकें पिछले कुछ महीनों से कराची की बंदरगाह पर पड़ी हैं.

उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने करीब सात लाख पुस्तकों पर भी रोक लगा दी है. इसकी वजह से अफगानिस्तान के कई छात्रों का कीमती समय ख़राब हो रहा है.

अफगान राजनयिक ने पाकिस्तानी सरकार से विशेष तौर पर माँग की है कि वह उन पुस्तकों को अफगानिस्तान जाने की अनुमित दी जाए ताकि छात्रों के भविष्य ओर खराब न हो सके.

दोस्ती का वास्ता

सैयद मोहम्मद इब्राहिम खेल के मुताबिक अफगानिस्तान में कोई बंदरगाह नहीं है, जिसकी वजह से उसे दिक्कतों का सामना है. अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक पाकिस्तान को अफगानिस्तान के लिए तमाम व्यापारिक सुविधाएँ देनी चाहिए.

पाक-अफगान दोस्ती पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम एक मित्र देश को तो खो सकते हैं लेकिन एक पड़ोसी देश को किसी भी सूरत में नहीं गवाँ सकते हैं.”

पेशावर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ए हिलाली ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नेतृत्व को इस बात विचार करना चाहिए कि क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावे के लिए दोनों को राजनीतिक और व्यापारिक मुद्दों पर अलग अलग रखना चाहिए.

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में नेटो हैलिकॉप्कटरों ने कबायली इलाके मोहमंद एजेंसी में पाकिस्तानी सेना की चौकी पर हमला किया था, जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे.

पाकिस्तानी सरकार ने उस हमले का कड़ा विरोध किया था और अफगानिस्तान में मौजूद नेटो सेना के लिए खाद्य और अन्य सामग्री पर रोक लगी दी थी.

छह महीने बीत गए हैं और यह रोक अभी भी बरकरार है.

नेटो गठबंधन और अमरीका पाकिस्तान से बार बार यह माँग कर रहा है कि वह नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्त पर लगी रोक हटा दे.

पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि हमले के बाद संसद ने अमरीका और नेटो से संबंधों की समीक्षा की है और नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत आपूर्ति खोली जानी है.

पाकिस्तान का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पिछले कुछ दिनों से लगातार इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है लेकिन अभी तक आपूर्ति खोलने पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

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