जरदारी नेटो सम्मेलन में शिरकत करेंगे

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी
Image caption शिकागो में हो रहे नेटो सम्मेलन में राष्ट्रपति जरदारी पाकिस्तान का नेतृत्व करेंगे.

पाकिस्तान का कहना है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा के लिए नेटो के सदस्य देशों के शिकागो में हो रहे सम्मेलन में भाग लेंगे.

यह सम्मेलन 20 से 21 मई को अमरीका में हो रहा है जिसमें अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा की जाएगी.

हालांकि पाकिस्तान नेटो संगठन का सदस्य नहीं है लेकिन उसको नेटो के पाँचवे सम्मेलन में शिरकत के लिए आमंत्रित किया गया था, ताकि अफगानिस्तान के भविष्य में उसकी भूमिक स्पष्ट हो सके.

रोक बरकरार

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस बयान में कहा गया है कि नेटो देशों के सम्मेलन में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करेंगे और विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर उनके साथ होंगी.

इसे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि नेटो सम्मेलन में पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान ने अभी तक अफगानिस्तान में मौजूद नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्ति पर लगी रोक नहीं हटाई है.

लेकिन मंगलवार को नेटो के महासचिव ने राष्ट्रपति जरदारी को फोन पर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था.

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Image caption नेटो के सैंकड़ों वाहन पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में अफगानिस्तान जाने का इंतेजार कर रहे हैं.

इस बीच नेटो सेन के लिए आपूर्ति पर लगी रोक हटाने के लिए पाकिस्तानी सरकार बातचीत कर रही है लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.

बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी, जिसमें अधिकारियों को आदेश दिए गए थे कि वह जल्द से जल्द अफगानिस्तान में नेटो आपूर्ति को बहाल करने के लिए समझौते को अंतिम रूप दें.

सेना का खंडन

दूसरी ओर पाकिस्तानी सेना ने उन ख़बरों का खंडन किया है कि कुछ दिन नेटो, अफगानिस्ता और पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच हुई बैठक में नेटो आपूर्ति की बहाली के मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई थी.

यह बैठक गत शनिवार और रविवार को हुई थी, जिसमें नेटो सेना के प्रमुख जनरल जॉन ऐलन, अफगान सेनाध्यक्ष जनरल शेर मोहम्मद और पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कियानी ने भाग लिया था.

उसके बाद मीडिया में खबरें आई थई कि उस बैठक में अफगानिस्तान में मौजूद नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्ति पर लगी रोक हटाने के लिए बातचीत हुई थी.

सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने उन ख़बरों का खंडन करते हुए कहा कि नेटो आपूर्ति की बहाली का मामला बातचीत के एजंडा में शामिल नहीं था और केवल अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर बात हुई थी.

पाकिस्तानी सेना के स्पष्टीकरण से संकेत मिलते हैं कि नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्ति की बहाली का मामला केवल राजनीतिक नेतृत्व देख रहा है.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में नेटो सेना के हैलिकॉप्टरों ने कबायली इलाके मोहमंद एजेंसी में पाकिस्तानी फौजी चौकियों पर हमला किया था, जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे.

पाकिस्तानी सरकार ने उस हमला कर कड़ा विरोध किया था और नेटो सेना के लिए अफगानिस्तान में सामान की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी, जो अभी तक भी बरकरार है.

नेटो और अमरीका का नेटो आपूर्ति की बहाली पर पाकिस्तान पर दबवा बना हुआ है.

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