पाकिस्तान: गायब पत्रकार का शव बरामद

  • 19 मई 2012
रज्जाक गुल इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption रज्जाक गुल की मौत से पत्रकारों में दहशत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पुलिस को एक्सप्रेस न्यूज़ के एक पत्रकार रज्जाक गुल का शव मिला है जो शुक्रवार की रात घर जाते हुए लापता हो गए थे.

पत्रकार की हत्या के विरोध में शनिवार को बलूचिस्तान प्रांत के तुरबत शहर में हड़ताल हुई.

क्वेटा से बीबीसी संवाददाता अय्यूब तरीन के अनुसार शनिवार की सुबह पुलिस को पुराने सिविल अस्पताल के करीब एक्सप्रेस न्यूज के स्थानीय संवाददाता रज्जाक़ गुल की लाश मिली.

पुलिस ने शव को फौरन ही तुरबत के सिविल अस्पताल में भेज दिया. अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मौत सिर और सीने में गोली लगने से हुई थी.

पुलिस के अनुसार अभी तक ये नहीं पता चल पाया है कि रज्जाक गुल की हत्या के पीछे कौन लोग हैं. खबर मिलते ही रज्जाक के भाई अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान की.

रज्जाक के भाई ने बताया कि रज्जाक शुक्रवार की रात प्रेस क्लब से घर के लिए निकले और रास्ते में लापता हो गए. उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट तुरबत थाने में दर्ज करा दी गई थी.

शनिवार की दोपहर उनके जनाजे की नमाज के बाद उन्हें उनके पुश्तैनी इलाके में दफन कर दिया गया.

हड़ताल

तुरबत के पत्रकारों के अनुसार रज्जाक गुल को किसी तरह की धमकी या खतरे की शिकायत नहीं थी. पत्रकारों ने अपने साथी पत्रकार की हत्या के विरोध में तुरबत समेत कई इलाकों में हड़ताल की.

इसके अलावा पूरे बलूचिस्तान के पत्रकारों ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है.

उनके अनुसार अगर रज्जाक के हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं होती है तो एक जून से पूरे जिले में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

पत्रकारों के दूसरे संगठनों ने भी रज्जाक गुल के कातिलों की गिरफ्तारी और पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है.

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में साल 2006 से अब तक 21 पत्रकार की हत्या की जा चुकी है लेकिन आज तक उन हत्याओं में शामिल लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है.

रज्जाक गुल की हत्या के बाद बलूचिस्तान के पत्रकारों में एक बार फिर डर का माहौल छा गया है क्योंकि कई सरकारी एजेंसियों और चरमपंथी संगठनों की तरफ़ से पत्रकारों पर खबरों के मामले में दबाव डाले जाते हैं.

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