भारत-पाक में आसान वीजा व्यवस्था अभी नहीं

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Image caption गृह सचिवों की बातचीत में भारत और पाकिस्तान के बीच आसान वीजा व्यवस्था पर सहमति बनने की उम्मीद थी.

इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों की बातचीत खत्म होने पर पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि दोनों देशों के बीच आसानी से वीजा देने के लिए नई व्यवस्था बनाने पर सहमति नहीं बनी है.

पीटीआई समाचार एजंसी के मुताबिक उन्होंने कहा कि इस समझौते के कई अहम पहलू हैं और इसपर सहमति पहले राजनीतिक स्तर पर होनी जरूरी है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इसके लिए तैयार था लेकिन इस दौर की बातचीत में ये समझौता नहीं हो पाया और अब ये आगे के लिए टाल दिया गया है.

वहीं भारत की राजधानी दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरन विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा कि भारत की ओर से पूरी तैयारी होने के बावजूद पाकिस्तान की ओर से कमी रह गई.

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आसिफ अली जरदारी और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच हुई चर्चा के मुताबिक भारत समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार था, लेकिन ऐसा लगता है कि पाकिस्तान इस समझौते पर केवल राजनीतिक स्तर पर ही सहमति बनाना चाहता है.”

चिदंबरम को न्यौता

भारत के गृह सचिव आर के सिंह और पाकिस्तान के गृह सचिव ख्वाजा सिद्दीक अकबर के बीच चल रही दो दिन की वार्ता शुक्रवार को इस्लामाबाद खत्म हुई.

इसमें दोनों देशों के बीच आसानी से वीजा देने के लिए नई व्यवस्था पर सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही थी.

बातचीत खत्म होने के बाद पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि भारत के गृह मंत्री पी चिदम्बरम का पाकिस्तान में स्वागत है और वीजा की नई व्यवस्था के समझौते पर हस्ताक्षर उनकी मौजूदगी में हों तो उन्हें “खुशी होगी”.

सईद पर सबूत

मलिक ने ये भी बताया कि दोनों सचिवों ने चरमपंथ से जुड़े मुद्दों पर डोसियर एक दूसरे को दिए और पाकिस्तान को भारत से जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के बारे में अतिरिक्त जानकारी भी मिली.

लेकिन उन्होंने कहा कि महज ‘जानकारी’ के बिनाह पर पाकिस्तान कोई कार्रवाई नहीं कर सकता और उसे पहले सईद के खिलाफ सबूतों की जांच करनी होगी.

मलिक ने ये भी बताया कि दोनों पक्षों में पाकिस्तान के बलोचिस्तान में भारत के कथित हस्तक्षेप पर चर्चा हुई.

उनके मुताबिक पाकिस्तान के गृह सचिव अकबर को इन आरोपों के बारे में भारत के गृह सचिव को सबूत देने के लिए कहा गया है.

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