'सियाचिन के हल में भारत-पाक फौजें रूकावट'

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री चौधरी अहमद मुख़्तार ने कहा है कि सियाचिन के मुद्दे के समाधान में दोनों देशों - भारत और पाकिस्तान की सेनाएं रुकावट बनी हुई हैं.

उन्होंने बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि सियाचिन का मुद्दा हल होने से पाकिस्तान और भारत दोनों मुल्कों का फायदा है और दोनों देशों की सरकारें चाहती हैं कि यह मुद्दा हल हो.

जब उनके पूछा गया कि अगर पाकिस्तान मुद्दे के हले के लिए राजी है तो वह पहल क्यों नहीं करता तो उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है और उन्हें बहतर प्रदर्शन करते हुए सियाचिन के हल के लिए पहल करनी चाहिए.

साक्षात्कार: अहमद मुख्तार

रक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सियाचिन से पाकिस्तान या भारत में से किसी को कुछ नहीं मिलने वाला है लेकिन यह केवल अहंकार का मामला है.

'सेना सहयोग करे'

उन्होंने कहा, “हम समझते हैं कि समझौता होना चाहिए... लेकिन भारत वाले चाहते हैं कि पहले सर क्रीक के मामले पर बात करें और हम कहते हैं कि पहले सियाचिन पर बात करें... फिर वहीं अहंकार का मामला.”

उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज़ कियानी इस मामले की गंभीरता को समझते हैं और समय आने पर उसका फैसला करवाएंगे.

जब उनसे पूछा कि आप रक्षा मंत्री हैं और क्या फैसला आपके मातहत सेनाध्यक्ष करेंगे तो उन्होंने कहा, “वह सलाह देंगे... सहयोग करेंगे... हम भी तो सेना से सहयोग करते हैं.”

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी बातचीत के ज़रिए मुद्दे का हल चाहते हैं.

जब उनके पूछा गया कि अगर दोनों देश मुद्दे का समाधान चाहते हैं तो फिर रुकावट कहाँ है? जिस पर उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि रुकावट वही हैं जिनकी आपने पहले बात की है... और यह केवल दोनों देशों की सेनाओं का मसला है.

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