ड्रोन हमले में अलकायदा के वरिष्ठ नेता की 'मौत'

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Image caption अबू याहया अल-लिबी के बारे में वर्ष 2009 में भी कहा गया था कि वे ड्रोन हमले में मारे गए, लेकिन वो ख़बर ग़लत निकली थी

एक अमरीकी अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि अल कायदा के एक वरिष्ठ नेता अबू याहया अल-लिबी सोमवार को हुए ड्रोन हमले में मारे गए हैं.

अमरीकी अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान के उत्तरी पश्चिमी इलाक़े में सोमवार को जिस ड्रोन हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी, वह लिबी को निशाना बनाकर ही किया गया था.

इस मौत पर पाकिस्तान की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है.

अधिकारियों का कहना है कि लिबी ने पश्चिमी देशों पर हुए हमलों की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.

अमरीकी अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "अल कायदा को जो नुकसान हुआ है इस समय उसकी भरपाई करने वाला और कोई और व्यक्ति नहीं है जो विशेषज्ञता में लिबी के आसपास भी बैठता हो. "

उनका कहना है कि उनकी जगह लेने के लिए किसी व्यक्ति की तलाश में बहुत मशक्कत करनी पड़ेगी.

'नंबर दो या कार्यकारी मुखिया'

अमरीका का मानना है कि पिछले साल ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद लिबी अयमान अल-जवाहिरी के बाद नंबर दो के नेता हो गए थे.

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Image caption अमरीकी ड्रोन हमलों का जाहिर तौर पर पाकिस्तान विरोध करता रहा है

अधिकारियों का कहना है कि लीबिया के इस्लामिक विद्वान लिबी लंबे समय से अल कायदा के सदस्य हैं और धार्मिक मामलों में उनकी पकड़ की वजह से वे फतवों के बारे में विशेषज्ञ माने जाते थे और साथ ही वे पाकिस्तान में चल रही गतिविधियों के लिए दिशानिर्देश देते थे.

विश्लेषकों का कहना है कि वे पाकिस्तान के कबायली इलाकों में रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए भी जिम्मेदार थे.

इससे पहले वर्ष 2009 में भी कहा गया था कि ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई है लेकिन बाद में पता चला कि वह कोई और व्यक्ति था जिन्हें गलती से लिबी समझ लिया गया था.

हालांकि अभी भी अमरीका ने ये विवरण नहीं दिए हैं कि उन्हें ये कैसे पता चला कि मारा गया व्यक्ति लिबी ही है.

सोमवार को उत्तरी वजीरिस्तान के मीरानशाह शहर के पूर्वी हिस्से के हेसोखेल में चालक रहित विमान यानी ड्रोन से दो मिसाइल हमले किए गए थे.

पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पहले हमले में एक परिसर को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन संदिग्ध चरमपंथी मारे गए.

अधिकारियों के अनुसार इन मारे गए लोगों को देखने के लिए एकत्रित हुए लोगों पर दूसरा हमला किया गया जिसमें 12 संदिग्ध चरमपंथी मारे गए.

पाकिस्तान की नाराज़गी

हाल ही में अमरीका ने पाकिस्तान में ड्रोन हमले एक बार फिर तेज़ कर दिए हैं और पिछले दो हफ़्तों में ये आठवाँ ड्रोन हमला था.

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Image caption नेटो की आपूर्ति रोके जाने से अमरीका नाराज है

इसने पाकिस्तान में फिर नाराजगी पैदा कर दी है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमरीका के उपराजदूत रिचर्ड होगलैंड को बुलाकर अपनी नाराजगी से उन्हें अवगत भी करवाया है.

पाकिस्तान ने अमरीका से कहा है कि वह ड्रोन हमले करना बंद करे.

वैसे पाकिस्तान जाहिर तौर पर हमेशा से ड्रोन हमलों का विरोध करता रहा है और कहता रहा है कि इसमें आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं.

लेकिन अमरीका ने ड्रोन हमले जारी रखे हैं.

वर्ष 2008 में बराक ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद से अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के कबायली इलाक़ों में ड्रोन हमलों में काफी बढ़ोत्तरी हुई.

इन हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए हैं जिनमें अल कायदा और तालिबान के संदिग्ध चरमपंथी शामिल हैं.

लेकिन पिछले साल सीमा की एक चौकी पर अमरीकी हमले में 24 पाकिस्तानी सुरक्षा बल जवानों के मारे जाने के बाद से अमरीका के साथ पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण चल रहे हैं.

इसी के बाद से पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के लिए नेटो की आपू्र्ति को भी रोक दिया है.

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