चुनावी साल, पाक पर अमरीकी बयान अंदरूनी स्थिति के कारण: जरदारी

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Image caption आसिफ अली जरदारी ने अमरीकी रक्षा मंत्री लेओन पेनेटा के 'सब्र लगभग खत्म हो जाने' के बयान में लगाए आरोपों का खंडन किया

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान पर अमरीकी नेताओं-अधिकारियों के तीखे बयानों पर कहा है कि अमरीका में ये चुनावी साल है और अधिकतर अमरीकी बयान वहाँ की अंदरूनी राजनीतिक स्थिति से प्रेरित हैं.

हाल में अमरीकी रक्षा मंत्री लेओन पेनेटा ने कहा था कि चरमपंथियों को संरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ अमरीका का सब्र लगभग खत्म हो गया है.

इस पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है, "हमें लगता है कि (अमरीकी) रक्षा मंत्री बहुत ही पेजीदा मुद्दों को बहुत ही सादे ढंग से देख रहे हैं. इन मुद्दों का सामना हम सभी कट्टरपंथ और आतंकावाद को खत्म करने के अपने प्रयासों के दौरान कर रहे हैं."

अमरीका की अंदरूनी स्थिति पर आधारित बयान

हाल में अपनी चीन यात्रा के दौरान चाइना डेली को दिए एक इंटरव्यू में जरदारी ने कहा, "मुझे लगता है कि कई बार नेता राजनीतिक कारणों से बयान देते हैं. अमरीका में ये चुनावी वर्ष है. अमरीका से आ रहे अधिकतर बयान वहाँ की अंदरूनी राजनीतिक स्थिति पर आधारित हैं. हमारे (अमरीका और पाकिस्तान) के संयुक्त हित हैं. धीरे-धीरे लेकिन आवश्य ही हमारे रिश्ते सामान्य हो जाएँगे."

पिछले वर्ष पाकिस्तान में हुई अमरीकी मरीन सैनिकों की हवाई कार्रवाई में अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारे गए थे. उसके बाद एक अमरीकी ड्रोन हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे और दोनो देशों के बीच तनाव खासा बढ़ गया था.

पाकिस्तान ने अपने देश की सीमा से होकर अफगानिस्तान में विदेशी सेना के लिए सामान लेकर जा रहे नेटो ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी और तनाव घटने की जगह और बढ़ गया था.

जरदारी ने कहा, "हम आतंकवाद के शिकार हैं....ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को शरण दे रहा है लेकिन ये भ्रम है, असलियत में ऐसा है नहीं."

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