पाकिस्तान: हड़ताल कर रहे डॉक्टर गिरफ्तार

पाकिस्तान डॉक्टर
Image caption डॉक्टरों की हड़ताल के बाद पंजाब सरकार ने फौजी डॉक्टरों की मदद ली

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस ने वेतन में बढ़ोतरी के लिए हड़ताल कर रहे 32 डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है और कई अस्पतालों का काम सेना के डॉक्टरों के सुपुर्द कर दिया है. इसी सिलसिले में 24 डॉक्टरों को निलंबित किया गया है.

पाकिस्तानी सेना के डॉक्टरों ने लाहौर के सरकारी अस्पतालों में मरीज़ों को देखना शुरु कर दिया है. फौजी डॉक्टरों को पंजाब की सरकार ने मदद के लिए बुलाया था.

हड़ताल करने वाले सभी डॉक्टर युवा हैं और उनकी नई नियुक्तियाँ हुई हैं. डॉक्टरों की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब उनकी संस्था की एक बैठक हो रही थी जिसमें हड़ताल को लेकर आगे की रणनीति की घोषणा होनी थी.

जेल में नज़रबंद

लाहौर के वरिष्ठ ज़िलाधिकारी तारिक ज़मान ने बीबीसी को बताया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान लाहौर में करीब 32 डॉक्टरों गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी डॉक्टरों को तीन एमपीओ (मैंटिनेंस ऑफ़ पबलिक ऑर्डर) के तहत लाहौर की कोट लखपत जेल में नज़रबंद किया गया है.

लाहौर से बीबीसी संवाददाता इबादुल हक़ के मुताबिक़ प्रांतीय सरकार के आदेश पर सेना की मेडिकल कोर के 150 डॉक्टरों ने सरकारी अस्पतालों में अपना काम करना शुरु कर दिया है और मरीज़ों को देख रहे हैं.

पंजाब सरकार ने किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सरकारी अस्पतालों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया है.

सरकार ने डॉक्टरों को हड़ताल करने के लिए प्रोत्साहित करने के आरोप में 24 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है जो एक साल के लिए ऐडहॉक बुनियादों पर काम कर रहे थे.

मुकदमा दर्ज

लाहौर की मियो अस्पताल की इमर्जेंसी में डॉक्टरों के काम छोड़ने से एक बच्ची की मौत का मुकदमा भी हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के ख़िलाफ दर्ज किया गया है.

दूसरी ओर डॉक्टरों की गिरफ्तारी के विरोध में लाहौर सहित पंजाब के अन्य शहरों में युवा डॉक्टरों ने हड़ताल की है.

पंजाब में युवा डॉक्टर पिछले दो हफ्तों से हड़ताल पर हैं और सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों की मांग है कि प्रांतीय सरकार उनके सर्विस स्ट्रक्चर की घोषणा करे.

यंग डॉक्टरस ऐसोसीएशन के पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ्तिख़ार चौधरी से सरकारी कार्रवाई का नोटिस लेने की मांग की है.

उधर प्रांतीय स्वास्थ्य सलाहकार ख़्वाजा सलमान रफ़ीक़ का कहना है कि दो हफ्तों से सरकारी अस्पतालों की स्थिति काफ़ी ख़राब थी और सरकार ने मजबूरी में डॉक्टरों को गिरफ्तार करने का कदम उठाया.

उन्होंने बताया कि 14 दिनों तक युवा डॉक्टरों को समझाने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं मानी.

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