नेटो सप्लाई पाकिस्तान से अफगानिस्तान पहुंची

  • 5 जुलाई 2012
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सात महीने बाद पाकिस्तान से अफगानिस्तान में मौजूद नेटो सेनाओं को रसद और अन्य सामान पहुंचने शुरु हो गए है.

पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि बृहस्पतिवार को नेटो देशों की सेनाओं के लिए आपूर्ति मार्ग से आवाजाही शुरु हो गई.

मंगलवार को ही अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा था कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में नेटो सेना के लिए सप्लाई लाईन खोलने पर तैयार हो गया है.

हिलेरी ने कहा था कि नेटो सप्लाई लाईन खोलने पर हुआ समझौता ये दर्शाता है कि पाकिस्तान एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान के लिए प्रतिबद्ध है.

पाकिस्तान के कस्टम अधिकारी इमरान रजा का कहना था,"हमें बुधवार को ही आदेश मिल गए थे कि नेटो ट्रकों को जाने दिया जाए लेकिन सुरक्षा अधिकारियों के पास ऐसे निर्देश नही थे, उन्हें बृहस्पतिवार को ही ये आदेश मिले हैं."

पाकिस्तान के ऐसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक बृहस्पतिवार की सुबह तीन कंटेनरों ने अफगानिस्तान में प्रवेश किया

पाकिस्तान फ्रंटियर कांस्टेबलरी के फैजल बारी ने बीबीसी की उर्दू सेवा से कहा कि पहला ट्रक जिसने सीमा पार की , उसमें पानी और खाने का सामान था. सीमा की दूसरी ओर मौजूद अफगान अधिकारियों ने इसका स्वागत किया.

हांलाकि नेटो की सप्लाई के लिए अफगानिस्तान जाने वाले अधिकतर ट्रक अभी भी कराची और अन्य शहरों में खड़े है.

कराची में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी भी सभी ट्रक ड्राइवरों को पूरी तरह अनुमति मिलनी बाकी है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान के इस रास्ते से अफगानिस्तान जाने वाले हर ट्रक पर 250 अमरीकी डालर का ही शुल्क दिया जाएगा.

घटनाचक्र

अफगानिस्तान-पाकिस्तान पर स्थित चौकी पर नवंबर 2011 में हुए हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी.

इस हमले के बाद पाकिस्तान ने कड़ा कदम उठाते हुए अफगानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना को अपने देश के रास्ते से भेजे जाने वाले सामानों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी.

पाकिस्तान के सैनिकों के मारे जाने की घटना पर अंतरराष्ट्रीय सेना के प्रमुख जनरल जान एलेन ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक कयानी से व्यक्तिगत तौर पर माफी मांगी थी.

हालांकि जनरल अशाफाक कयानी ने इस 'व्यक्तिगत' क्षमा याचना को सराहा लेकिन उन्होंने इसे नाकाफी करार दिया.

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