कराची में गंधार की दुर्लभ वस्तुएँ बरामद

  • 6 जुलाई 2012
गंधार प्रतिमा इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption कराची में पुलिस ने दावा किया है कि उसने गुप्त कार्रवाई कर भारी मात्रा में दुर्लभ वस्तुएँ कब्ज़े में ली हैं.

पाकिस्तानी पुलिस ने एक गुप्त कार्रवाई कर भारी मात्रा में दुर्लभ मूर्तियाँ और अनमोल वस्तुएँ अपने कब्ज़े में ली हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक़ ये दुर्लभ मूर्तियाँ और अनमोल वस्तुएँ गंधार संस्कृति के दौर की हैं और उनके वास्ताविक मूल्य के निर्धारण के लिए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.

कराची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मजीद अब्बास ने बीबीसी को बताया कि पुलिस ने गुप्त जानकारी के आधार पर शहर के कोरंगी इलाक़े में एक वाहन को रोका, जिसमें दुर्लभ मूर्तियाँ और प्रतिमाएँ शामिल थी.

उन्होंने बताया कि पुलिस के दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है और उन्होंने अपने बयान में बताया है कि यह वस्तुएँ छह महीने पहले कराची लाई गई थी.

पुरातत्व विभाग से संपर्क

पुलिस अधिकारी के मुताबिक़ वाहन के कब्ज़े से मिला सामान काफी भारी है इसलिए उसे सुरक्षित उतारने के लिए ज़रूरी मशीनरी की व्यवस्था करना पड़ी, जिसमें काफी समय लगा.

उन्होंने बताया कि मूर्तियों और अनमोल वस्तुओं के वास्तविक मूल्य के निर्धारण के लिए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ से संपर्क किया गया है जो अभी जांच कर रहे हैं.

पुलिस के अनुसार विशेषज्ञ अब तक यही अनुमान लगा रहे हैं कि दुर्लभ और अनमोल वस्तुओं का संबंध दो हज़ार साल पुरानी गंधार संस्कृति से हो सकता है, लेकिन उसके सही मूल्य में काफी समय लगेगा.

मजीद अब्बास का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों के शुरुआती बयान के अनुसार वस्तुओं छह महीने पहले कराची लाई गई थीं और इब्राहीम हैदरी इलाके के एक गोदाम में रखी थीं.

विदेश भेजने की कोशिश

लेकिन किसी वजह से सौदा न हो पर अब यह दोनों अभियुक्तों उन्हें रावलपिंडी ले जा रहे थे, लेकिन दोनों लोगों के पास से बरामद होने वाले पत्र के अंतर्गत दुर्लभ और अनमोल वस्तुओं को स्यालकोट ज़िला ले जाया जाना था.

अभियुक्तों ने यह भी बताया कि उन्हें यह निर्देश भी मिले थे कि इन वस्तुओँ को कराची के बिन कामिस पोर्ट पर पहुँचा दिया जाए, जिसे यह लगता है कि संभवत: इनको विदेश ले जाया जा सकता था.

उनका कहना था कि सभी चीजें अब भी पुलिस के कब्जे में हैं और जब तक पूरी तरह उतार कर उनका गिनती और जाँच नहीं की जाती तब तक पंजीकरण या मुकदमा नहीं किया जा सकता.

पुलिस का कहना है कि ज़रूरी कार्रवाई के बाद ही वस्तुओं को विशेषज्ञों के हवाले किया जाएगा.

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