पाकिस्तान: जाली पासपोर्ट के ज़रिए ओलंपिक वीज़ा लगवाने की कोशिश

जाली पासपोर्ट, पाकिस्तान इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ब्रिटेन के अख़बार ‘दी सन’ में छपी एक ख़बर के मुताबिक पाकिस्तान के एक गुट ने जाली पासपोर्ट पर ब्रिटेन का वीज़ा लगवाने की कोशिश की.

पाकिस्तान के गृह मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने जाली पासपोर्ट के ज़रिए ब्रिटेन का ओलंपिक वीज़ा लगवाने की कोशिश करने वाले एक गुट के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश दिया है.

उन्होंने इस मामले का नोटिस लेते हुए एक जाँच दल का गठन किया है जिसमें सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं.

लाहौर स्थित बीबीसी संवाददाता अली सलमान के मुताबिक रहमान मलिक ने यह नोटिस ब्रिटेन के समाचार पत्र ‘दी सन’ में प्रकाशित एक ख़बर पर लिया, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के एक गुट ने जाली पासपोर्ट पर ब्रिटेन का वीज़ा लगवाने की कोशिश की.

ब्रिटेन की अख़बार ने एक स्टिंग ऑप्रेशन के ज़रिए इस मामले ख़ुलासा किया था और उस के पत्रकार ने एक पाकिस्तानी नौजवान बन कर लंदन जाने की इच्छा जताई.

स्टिंग ऑपरेशन

दी सन के पत्रकार ने इस काम के लिए एक ऐसी ट्रेवल एजेंसी से संपर्क किया जिस पर पिछले नौ सालों से मानव तस्करी का मामला चल रहा था और उस एजेंसी के मालिक बशीर चौधरी उसी मुक़दमे में गिरफ्तार भी हुए थे.

ट्रेवल एजेंसी के ज़रिए उस पत्रकार का संपर्क एक एजेंट बॉबी से हुआ जिन्होंने 600 ब्रितानी पाउंड के बदले जाली पासपोर्ट और पाकिस्तानी पहचान पत्र बनवा कर दिया. यह दस्तावेज़ किसी मोहम्मद अली के नाम पर बनाए गए.

पत्रकार का कहना है कि उस दौरान उस जाली दस्तावेज़ की तैयारी के लिए वह कम-से-कम 12 सरकारी अधिकारियों के सामने पेश हुए.

एक अधिकारी ने दस्तावेज़ों पर दस्तख़त करने से इनकार कर दिया लेकिन उचित रक़म के भुगतान के बाद न केवल उन्होंने अपनी मुहुर लगाई बल्कि यह भी लिखा कि वह ख़ुद उस शख़्स मोहम्मद अली से मिला है और उन्होंने दस्तावेज़ के असल होनी की पुष्टि की.

केवल तीन दिनों के भीतर यह जाली दस्तावेज़ तैयार किए गए. उस के बाद उस पत्रकार की मुलाक़ात आबिद चौधरी नामक एक व्यक्ति से हुई, जिन्होंने ख़ुद को लाहौर का एक राजनेता ज़ाहिर किया और कहा कि उनके पाकिस्तान स्पोर्टस बोर्ड से अच्छे संबंध हैं.

आबिद चौधरी ने सात हज़ार पाउंड के बदले उस नौजवान मोहम्मद अली को न केवल ब्रिटेन का दो महीने का वीज़ा दिलवाने बल्कि उसे पाकिस्तान के ओलंपिक दस्ते का हिस्सा बना कर लंदन भिजवाने को कहा था.

जांच

समाचार पत्र ‘दी सन’ ने इस मामले की जानकारी ब्रिटेन की ख़ुफिया एजेंसी एमआई6, गृह मंत्रालय, यूके बॉर्डर एजेंसी और पाकिस्तान में ब्रिटेन की उच्चायुक्त को दी.

दी सन के पत्रकार के मुताबिक़ ब्रिटेन सरकार ने इस मामले की जाँच शुरु कर दी है.

यह मामला सामने आने के बाद गृह मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने इस मामले की जाँच के आदेश दिए और बताया कि संघीय जाँच एजेंसी के प्रमुख जाँच का नेतृत्व करेंगे.

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