हक्कानी नेटवर्क आतंकवादी संगठन घोषित होगा

 शुक्रवार, 7 सितंबर, 2012 को 20:57 IST तक के समाचार

हक्कानी नेटवर्क के अल कायदा से संबंध बताए गए हैं

अमरीका में अधिकारियों का कहना है कि वह पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन हक्कानी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित करने जा रहे हैं.

शुक्रवार को अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इस कदम को औपचारिक मंजूरी दे दी है.

इसका मतलब ये हुआ कि हक्कानी समूह अमरीकी वित्तीय प्रतिबंधों के दायरे में आ जाएगा. अमरीकी कंपनियाँ और नागरिक अब इस संगठन का समर्थन नहीं कर पाएँगे और अमरीका में इसके सारे खाते और संपत्ति फ्रीज यानी जब्त कर ली जाएँगी.

ये प्रतिबंध सात से 10 दिन के भीतर लागू हो जाएँगे.

क्या है हक्कानी नेटवर्क?

हक्कानी नेटवर्क को एक समय अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए का समर्थन हासिल था जब वो पूर्व सोवियत संघ के खिलाफ लड़ रहा था.

बाद में ये बड़ा पश्चिम विरोधी गुट बनकर उभरा. हक्कानी नेटवर्क पर आरोप है कि अफगानिस्तान में सरकारी, भारतीय और पश्चिमी देशों के ठिकानों पर उसने कई बड़े हमले किए हैं.

पाकिस्तानी अधिकारी हक्कानी नेटवर्क को मुख्यत अफगान चरमपंथी गुट बताते हैं. लेकिन इसकी जड़ें पाकिस्तान के अंदर तक फैली हैं.

हमेशा से अटकलें लगती रही हैं कि पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र में कुछ लोगों में इसकी खास पैठ है.

हक्कानी नेटवर्क पर पूर्वी अफगानिस्तान और राजधानी काबुल में कई बम धमाके करने का भी आरोप है.

कुछ प्रेक्षकों का कहना है कि अमरीका के इस कदम से अमरीका के पाकिस्तान के साथ संवेदनशील लेकिन रणनीतिक तौर पर अहम रिश्ते खराब हो सकते हैं.

अमरीका काफी समय से इस चरमपंथी संगठन को एक खतरे के तौर पर पेश करता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि इसके अल-कायदा और तालिबान जैसे संगठनों से संबंध हैं.

अमरीका पाकिस्तान पर दबाव बनाता आया है कि इस संगठन की गतिविधियों पर काबू पाया जाए.

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