नया वीजा समझौता, आसान होगा पाकिस्तान जाना

 शनिवार, 8 सितंबर, 2012 को 19:03 IST तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री

कृष्णा ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर से भी मुलाकात की.

भारत और पाकिस्तान ने वीजा नियमों को आसान बनाने वाले बहुप्रतीक्षित समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.

इस समझौते में पहली बार पर्यटकों को वीजा देने की बात शामिल है. नए समझौते के बाद समूह में पर्यटन या तीर्थ यात्रा करने के लिए एक दूसरे के यहां जाने वाले लोगों को वीजा मिलने की राह आसान होगी.

साथ ही 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को आगमन पर वीजा की सुविधा दी गई है.

इस्लामाबाद में भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. ये समझौता 38 साल पुराने उस करार की जगह लेगा जिसमें वीजा के लिए कड़े नियम मौजूद हैं.

आसान हुए नियम

नए समझौते से निश्चित समय में वीजा मिलने और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ने का रास्ता साफ होगा. इसके अनुसार आवदेन के अधिकतम 45 दिनों के भीतर वीजा दे दिया जाएगा. हालांकि गैर-राजनयिक वीजा जारी किए जाने के लिए कोई समय-सीमा निर्धारत नहीं की गई है.

नई वीजा व्यवस्था के तहत कोई व्यक्ति वीजा पर पांच जगहों की यात्रा कर सकता है. मौजूदा व्यवस्था के तहत तीन ही जगहों पर जाने की अनुमति है.

"अगर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को देखें तो हमने बहुत से मौके गंवाए हैं. लेकिन हम पाकिस्तान की तरफ से कहना चाहते हैं कि हम अब और अवसर नहीं गंवाना चाहते हैं."

हिना रब्बानी खर, पाकिस्तानी विदेश मंत्री

इसके अलावा 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, 12 साल से कम उम्र के बच्चों और 'नामी' उद्योगपतियों को पुलिस स्टेशन में जाकर रिपोर्ट करने से छूट दी गई है.

अब तक दोनों देशों के बीच लागू नियमों के अनुसार सिंगल एंट्री यानी एक बार आने के लिए तीन महीने का वीजा दिया जाता है जिसका इस्तेमाल रिश्तेदार, दोस्तों से मिलने, कारोबार और अन्य वैधानिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है.

नए नियम के तहत छह महीने के लिए सिंगल एंट्री वीजा दिया जाएगा, लेकिन आप उस पर तीन महीने से ज्यादा नहीं रह पाएंगे.

रिश्तों की बेहतरी पर जोर

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते पर खुशी जताई और आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, “अगर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को देखें तो हमने बहुत से मौके गंवाए हैं... लेकिन हम पाकिस्तान की तरफ से भरोसा दिलाते हैं कि हम अब और अवसर नहीं गंवाना चाहते हैं.”

भारत और पाकिस्तान की बातचीत

भारत और पाकिस्तान रिश्तों को सामान्य बनाने की इच्छा जता रहे हैं.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को पुरानी बातों को छोड़ कर आगे बढ़ाना चाहिए.

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व को बता दिया है कि भारत पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्ते चाहता है.

उन्होंने सभी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर जोर दिया ताकि आपसी भरोसे के आधार पर मजबूत रिश्ते कायम किए जा सकें. हालांकि उन्होंने माना कि इसके लिए लंबा सफर तय करना होगा और ये सफर आसान नहीं है.

उन्होंने कहा, "आतंकवाद दोनों देशों के बीच शांति और सुरक्षा के लिए बराबर खतरा बना हुआ है. दोनों देशों इससे लड़ने के लिए बचनबद्ध हैं." उनके मुताबिक पाकिस्तानी नेताओं ने उनसे भरोसा दिलाया है कि मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे तक लाया जाएगा.

कृष्णा ने भारत और पाकिस्तान के बीच सामान्य होते व्यापारिक रिश्तों पर भी संतोष जताया.

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