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सोमवार, 20 अक्तूबर, 2003 को 07:41 GMT तक के समाचार
 
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एवरेस्ट की ऊँचाई मापने वाला भारतीय
 

 
राधानाथ सिककदर
सबसे पहले सर्वोच्च चोटी का पता लगाया

सन 1852 में एक भारतीय गणितज्ञ ने पता लगाया था कि दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट ही है.

देहरादून के एक दफ़्तर में एक आदमी बड़े ही नाटकीय ढंग से आया और उसने अपने अधिकारी से कहा," मैंने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी का पता लगा लिया है."

उस आदमी का नाम था राधानाथ सिकदर और उस समय उनकी उम्र थी 39 वर्ष.

सिकदर एक गणितज्ञ थे जो कि कोलकाता के रहने वाले थे.

सबसे ऊँची चोटी
सिकदर ने बहुत जोड़-घटाव करके ऊँचाई मापी

इस चोटी का नाम सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर माउंट एवरेस्ट रख दिया गया, पहले इसे xv के नाम से जाना जाता था.

सर जॉर्ज एवरेस्ट उन दिनों भारत के सर्वेयर जनरल थे.

माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई उस समय 29,002 फ़ुट या 8,840 मीटर मापी गई.

सिकदर की उपलब्धि के बारे में बहुत कम भारतीय लोगों को ठीक से पता है.

प्रदर्शनी

लंदन के ब्रिक लेन की ग्रेट आर्क प्रदर्शनी में उनकी इस उपलब्धि को लोगों के लिए प्रदर्शित किया गया है.

भारत सरकार की इस प्रदर्शनी में भारतीय उपमहाद्वीप की मैपिंग के 200 साल पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है.

जॉर्ज एवरेस्ट
जॉर्ज एवरेस्ट जिनके नाम पर चोटी का नाम रखा गया

इस सर्वेक्षण में हज़ारों भारतीय जुड़े थे और सिकदर का काम सर्वेक्षण के दौरान जुटाए गए आँकड़ों का आकलन करना था, अपने काम में वे इतने माहिर थे कि उन्हें "चीफ़ कंप्यूटर" का पद दे दिया गया.

इसके अंतर्गत 1,600 मीलों की दूरी तय की गई, इस काम में सैकड़ों लोगों की जानें भी गईं.

लोगों की मौत के मुख्य कारण इस सर्वेक्षण के दौरान बाघों के हमले और मलेरिया थे.

अद्वितीय प्रतिभा

बीबीसी ऑनलाइन से बात करने हुए ब्रिटेन के इतिहासकार जॉन केय ने बताया," सिकदर के काम के लिए गणित में दक्षता एक महत्वपूर्ण आवश्यकता थी और जॉर्ज एवरेस्ट उन्हें गणित में एक अद्वितीय प्रतिभा के रूप में मानते थे."

जॉन केय ने ये भी बताया कि जॉर्ज एवरेस्ट की तरह सिकदर भी माउंट एवरेस्ट की चोटी कभी नहीं देख पाए.

इसे सबसे पहले 1847 में दार्जिलिंग के पास से पहचाना जा सका था.

लेकिन इस बात की घोषणा कि माउंट एवरेस्ट हिमालय की सर्वोच्च चोटी है 1856 में हो पाई क्योंकि बिना आँकड़ों का जोड़-घटाव किए पक्की घोषणा करना मुश्किल था.

इस काम में सिकदर को बहुत बड़ा श्रेय दिया जाता है.

सिकदर की खोज के बाद माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है.

1955 में इसकी ऊँचाई 8,848 मीटर हो गई, आज इसकी ऊँचाई 8850 मीटर है.

 
 
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