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गुरुवार, 06 नवंबर, 2003 को 13:28 GMT तक के समाचार
 
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अब डल झील में भी इंटरनेट की सुविधा
शांत, सुंदर,निर्मल
हमेशा से कश्मीर पर्यटकों का पसंदीदा पर्यटन केंद्र रहा है
 

फ़र्ज़ कीजिए कि आप अपनी गर्मी की छुट्टियों में कश्मीर की डल झील के किसी शिकारे में बैठे हों और साथ में इंटरनेट चैटिंग की सुविधा भी मौजूद हो, तो आपको कैसा लगेगा?

जी हाँ, कश्मीर के आकर्षक पर्यटक केंद्र डल झील में अब बेतार इंटरनेट लगा दिया गया है जिससे वहाँ के लोग बेहद उत्साहित हैं.

उन्हें लगता है कि इंटरनेट की उपलब्धता और अधिक पर्यटकों को श्रीनगर की तरफ खींचेगी.

इस बेतार इंटरनेट का उदघाटन इसी सप्ताह राज्य के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने किया.

 

  अब डल झील दुनिया भर में सबसे पहली झील हो गई है जिसमें पर्यटकों के लिए इंटरनेट सर्फिंग की सुविधा हो

दीपक मिर्ज़ा

 

इस ख़ूबसूरत पर्यटक स्थल पर इंटरनेट लगाने के लिए प्रदेश के पर्यटक विभाग की मदद की है डैक्स नेटवर्क्स नामक कंपनी ने.

कंपनी के निदेशक दीपक मिर्ज़ा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया," इस सुविधा की शुरुआत के साथ ही डल झील दुनिया भर में सबसे पहली झील हो गई है जिसमें पर्यटकों के लिए इंटरनेट सर्फिंग की सुविधा है."

अब पर्यटक अपने शिकारों या हाउसबोटों पर बैठ कर झील के बहाव का आनंद उठाते हुए भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं.

बस उन्हें ज़रूरत पड़ेगी एक लैपटॉप कंप्यूटर की और साथ में विशेष रूप से बने पीसएमसीए कार्ड की जो वे श्रीनगर के निजी इंटरनेट सुविधा देने वालों से बड़ी आसानी से किराए पर ले सकते हैं.

 

  इससे बाहरी दुनिया के पास एक सुरक्षित संदेश जाएगा और यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ेगी

पर्यटन अधिकारी

 

प्रदेश के एक वरीष्ठ पर्यटन अधिकारी शमीम अहमद ने कहा,"ये सुविधा डल झील के आधुनिकीकरण की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण क़दम है. यहाँ हर साल गर्मियों में हज़ारों पर्यटकों आते हैं."

उन्होंने ये भी कहा," इससे उन पर्यटकों को विशेषकर विदेश से आने वाले पर्यटकों को काफ़ी सुविधा हो जाएगी जो यहाँ रहते हुए भी अपने दफ़्तरों और परिवार वालों से संपर्क बनाए रखना चाहते हैं."

सुरक्षित माहौल

पर्यटकों को वहाँ के शिकारों में अपनी छुट्टियाँ बिताना इसलिए भी पसंद है क्योंकि डल झील के किनारे ख़ूबसूरत होने के साथ-साथ सुरक्षित भी हैं.

ग़ौरतलब है कि कश्मीर में अलगाववादियों के आंदोलनों के चलते अब तक हज़ारों लोगों की जानें जा चुकीं हैं.

यूँ तो इस संकट ने इस क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को काफ़ी निराश किया है फिर भी इस साल अब तक क़रीब एक लाख पर्यटक वहाँ से भ्रमण करके सुरक्षित घर लौट चुके हैं.

शमीम अहमद ने कहा," इस सुविधा की शुरुआत होने से बाहरी दुनिया के पास एक अच्छा संदेश जाएगा और इससे यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होगी."

 
 
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