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शुक्रवार, 16 जनवरी, 2004 को 17:19 GMT तक के समाचार
 
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गंगासागर जाने वालों पर दोहरा टैक्स
 

 
गंगासागर में तीर्थयात्री
गंगासागर वह जगह है जहाँ गंगा नदी सागर में जा मिलती है
 

पश्चिम बंगाल में कोलकाता से सटे दक्षिण 24 परगना ज़िले में बंगाल की खाड़ी में स्थित गंगासागर के बारे में एक बहुत पुरानी कहावत है कि सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार.

अब गंगासागर मेले के दौरान यहाँ आने वाले तीर्थयात्रियों पर टैक्स लगाकर सरकार शायद इसी कहावत को चरितार्थ कर रही है.

उसने इस साल स्नान के लिए आने वालों पर पाँच रूपए का एक नया कर लगा दिया है जिसके कारण तीर्थयात्रियों को वहाँ जाने के लिए 10 रूपए देना पड़ रहा है.

 

 मैं सारे देश के तीर्थस्थानों पर जा चुका हूँ. टैक्स लेने की परंपरा कहीं नहीं है. यहाँ सरकार लोगों की भावनाओं का शोषण कर रही है

राम आसरे सिंह, तीर्थयात्री

 

बीते साल गंगासागर मेले से सरकार को आठ लाख 71 हज़ार रूपए का कर मिला था.

लेकिन इस बार इस टैक्स की वसूली का लक्ष्य बढ़ाकर सीधे 15 लाख रूपए कर दिया गया.

जजिया कर

विभिन्न संगठनों ने तीर्थयात्रियों पर लगाए गए पाँच रूपए के अतिरिक्त तीर्थ यात्रा कर की तुलना जजिया कर से करते हुए इस फ़ैसले के लिए सरकार की खिंचाई की है.

गंगासागर में तीर्थयात्री
गंगासागर पर गोदान करते तीर्थयात्री
 

जौनपुर से आए 65 वर्षीय तीर्थयात्री राम आसरे सिंह ने कहा,"मैं सारे देश के तीर्थस्थान जा चुका हूँ. टैक्स लेने की परंपरा कहीं नहीं है. यहाँ सरकार लोगों की भावनाओं का शोषण कर रही है ".

यही नहीं, मेले में स्टॉल और सेवा शिविर लगाने का ज़मीन का किराया भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है.

इसके विरोध में इस बार 12 से भी ज़्यादा संस्थानों ने मेले में अपना शिविर नहीं लगाया है.

नतीजतन लोगों को ठंढ में काफ़ी परेशानी उठानी पड़ी.

इस साल पहली बार ज़िला प्रशासन ने अपनी गाड़ी लेकर आने वालों से पार्किंग फ़ीस के तौर पर भी मोटी रकम वसूली है.

 

 मेले के आयोजन पर हर साल काफ़ी रकम ख़र्च होती है और टैक्स बढ़ाकर कुछ हद तक आर्थिक संकट पर क़ाबू पाया जा सकता है

विवेक कुमार, ज़िलाधिकारी

 

दक्षिण 24 परगना ज़िले के ज़िलाधिकारी विवेक कुमार का कहना है कि यात्रियों से पाँच रूपए की अतिरिक्त रकम मेला क्षेत्र में रहने के लिए ली जा रही है.

वे बताते हैं कि इस साल मेले के आयोजन पर छह करोड़ रूपए ख़र्च हुए हैं.

गंगासागर का महत्व

हर साल देश-विदेश से लाखों लोग जुटते हैं
 

गंगासागर वो जगह है जहाँ गंगा नदी सागर से मिलती है.

यहाँ एक बड़ा मंदिर है जो कपिल मुनि का बताया जाता है.

पौराणिक कहावत है कि कपिल मुनि के श्राप के कारण ही राजा सगर के 60 हज़ार पुत्रों की इसी स्थान पर तत्काल मृत्यु हो गई थी.

उनके मोक्ष के लिए राजा सगर के वंश के राजा भगीरथ गंगा को पृथ्वी पर लाए थे और गंगा यहीं सागर से मिली थीं.

कहा जाता है कि एक बार गंगा सागर में डुबकी लगाने पर 10 अश्वमेध यज्ञ और एक हज़ार गाय दान करने के समान फल मिलता है.

 
 
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