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गुरुवार, 12 जुलाई, 2007 को 10:25 GMT तक के समाचार

ग़ाज़ी रशीद को दफ़नाया गया

पाकिस्तान में कट्टरपंथी धार्मिक नेता अब्दुल रशीद ग़ाज़ी को गुरुवार को दफ़ना दिया गया. उनके जनाज़े में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया. इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में हुई सैनिक कार्रवाई के दौरान ग़ाज़ी मारे गए थे.

अब्दुल रशीद ग़ाज़ी को उनके गाँव बस्ती अब्दुल्लाह में दफ़नाया गया. ये इलाक़ा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है. इस दौरान वहाँ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी.

पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई ख़त्म होने के बाद उन्हें लाल मस्जिद में 73 शव मिले हैं. इस कार्रवाई के दौरान नौ पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए.

अब्दुल रशीद ग़ाज़ी के अलावा कार्रवाई के दौरान मारे गए कई अन्य लोगों को भी दफ़ना दिया गया है. इन लोगों को अस्थायी रूप से बनी क़ब्र में दफ़नाया गया.

आशंका है कि कार्रवाई के दौरान मारे गए लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी हैं लेकिन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल वहीद अरशद ने इससे इनकार किया है.

बीबीसी संवाददाता बारबारा प्लेट का कहना है कि लाल मस्जिद में अभी भी लोगों को नहीं जाने दिया जा रहा है और अभी तक इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है कि वहाँ असल में क्या हुआ.

पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार तड़के ये कार्रवाई शुरू की थी. कार्रवाई के दौरान क़रीब 1300 लोग वहाँ से सुरक्षित निकल पाए. अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई के दौरान लाल मस्जिद में कितने लोग मौजूद थे.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कितने लोग मारे गए, इसका भी जवाब अभी नहीं मिल पाया है.

जनाज़ा

लाल मस्जिद के उप प्रमुख अब्दुल रशीद ग़ाज़ी के जनाज़े के दौरान उनके गाँव बस्ती अब्दुल्ला में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए. सेना का कहना है कि गोलीबारी के दौरान ग़ाज़ी मारे गए.

जनाज़े के दौरान लोगों ने जिहाद के नारे लगाए. अब्दुल रशीद ग़ाज़ी के बड़े भाई अब्दुल अज़ीज़ ने वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित किया और कहा, "मैंने शरिया क़ानून लागू कराने के लिए अपना भाई और अपना छात्र खो दिया. ग़ाज़ी और मस्जिद में मारे गए अन्य लोग शहीद हैं."

उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और बेटियाँ अभी हिरासत में हैं लेकिन वे शरिया क़ानून के लिए संघर्ष बंद नहीं करेंगे. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि कई पाकिस्तानियों ने लाल मस्जिद में हुई सैनिक कार्रवाई का समर्थन किया है.

उनका कहना है कि सरकार के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था. लेकिन अधिकारियों को हिंसक प्रतिक्रिया की भी आशंका है और इसी कारण पूरा पाकिस्तान अभी हाई अलर्ट पर है.

इस बीच अल क़ायदा के दूसरे नंबर के नेता अयमन अल ज़वाहिरी ने एक वीडियो टेप जारी करते हुए पाकिस्तान के मुसलमानों से जिहाद की अपील की है.

पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान से लगी सीमा पर हज़ारों अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया है. पाकिस्तान की इस्लामिक पार्टियों ने देशभर में तीन दिनों के शोक का आह्वान किया है.