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शुक्रवार, 21 सितंबर, 2007 को 23:13 GMT तक के समाचार
 
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वीसी-नेताम-भूरिया फिर कांग्रेस में
 
विद्याचरण शुक्ला
विद्याचरण शुक्ला लंबे समय तक केंद्र में मंत्री रहे हैं
कभी पार्टी छोड़कर चले गए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के तीन बड़े नेता विद्याचरण शुक्ला, अरविंद नेताम और दिलीप सिंह भूरिया कांग्रेस में वापस लौट आए हैं.

आलाकमान की मंज़ूरी के बाद कांग्रेस के महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने शुक्रवार को दिल्ली में इसकी घोषणा की है.

इन तीनों की कांग्रेस वापसी को पार्टी को मज़ूबूत करने के लिए उठाया गया क़दम बताया गया है.

लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी में गुटबाज़ी को ख़त्म करके अगले साल होने वाले चुनावों की तैयारी के रुप में यह क़दम उठाया गया है.

जनार्दन द्विवेदी का कहना है कि तीनों ही नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मिलकर कांग्रेस में लौटने की इच्छा जताई थी.

जोगी विरोधी

जब छत्तीसगढ़ राज्य बना तो विद्याचरण शुक्ला मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे लेकिन अजीत जोगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद वे कांग्रेस की राजनीति में हाशिए पर चले गए और फिर नाराज़ होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) में चले गए थे.

पिछले विधानसभा चुनाव में एनसीपी ने राज्य में आठ प्रतिशत वोट हासिल करके कांग्रेस को नुक़सान पहुँचाया था और माना गया था कांग्रेस की हार के पीछे यह भी एक कारण था.

अजीत जोगी
अजीत जोगी दोनों नेताओं के कांग्रेस प्रवेश का विरोध कर रहे थे

आठ बार लोकसभा के सदस्य रह चुके विद्याचरण शुक्ला बाद में भाजपा में चले गए थे और अजीत जोगी के ख़िलाफ़ लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था. हारने के बाद उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी थी.

अरविंद नेताम ने छत्तीसगढ़ राज्य बनने से पहले ही उपेक्षा के आरोप लगाते हुए बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी और फिर बाद में भाजपा में चले गए थे.

विद्याचरण शुक्ला और अरविंद नेताम दोनों ही केंद्र सरकार में लंबे समय तक मंत्री रहे हैं.

दोनों नेताओं की कांग्रेस वापसी से छत्तीसगढ़ में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना बताई जा रही है.

वहीं दिलीप सिंह भूरिया ने मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रति नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए पार्टी छोड़ी थी और भाजपा में चले गए थे.

एनडीए सरकार के दौरान वे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रहे और उनके कार्यकाल में ही अजीत जोगी को आदिवासी न मानने वाला विवादित फ़ैसला आया था.

अजीत जोगी की जाति का यह मामला इस समय सुप्रीम कोर्ट में है.

भूरिया बाद में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में चले गए थे.

इन तीनों नेताओं के कांग्रेस में लौटने का मामला लंबे समय से लंबित था और सोनिया गाँधी ने बहुत विचार के बाद इसकी स्वीकृति दी है.

 
 
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