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शुक्रवार, 25 अप्रैल, 2008 को 21:43 GMT तक के समाचार

सुशील झा
बीबीसी संवाददाता, मुम्बई

'पुलिस तय करेगी क्या अश्लील है'

इंडियन प्रीमियर लीग के तहत रविवार को नवी मुंबई में होने वाले मैच के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तय करेंगे कि चीयरलीडर्स का कौन सा नृत्य अश्लील है और कौन सा नहीं.

हालांकि क़ानून में अश्लीलता की कोई परिभाषा तय नहीं की गई है लेकिन नवी मुंबई की पुलिस चीयरलीडर्स पर पर पूरी निगरानी रखेगी.

लेकिन ये कैसे तय होगा कि क्या अश्लील है और क्या नहीं? इस सवाल पर नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त रामराव वाघ कहते हैं कि यह काम वरिष्ठ अधिकारियों के ज़िम्मे रहेगा.

उल्लेखनीय है कि चीयरलीडर्स के ख़िलाफ महाराष्ट्र के राजनेताओं ने बयान दिए हैं जिसके बाद मुंबई में होने वाले मैचों में इन पर प्रतिबंध की भी मांग की गई थी.

गुरूवार को महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री सिद्धाराम म्हात्रे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि सरकार चीयरलीडर्स को नृत्य की इजाज़त नहीं देगी क्योंकि उनका नृत्य बेहद अश्लील है.

सिद्धाराम म्हात्रे ने कहा था कि उन्हें आश्चर्य है कि आयोजकों को अर्धनग्न महिलाओं को क्रिकेट मैच के दौरान नृत्य करने के लिए बुलाने की ज़रूरत क्यों पड़ी.

सिद्धाराम म्हात्रे ने कहा था कि अग़र चीयरलीडर्स अश्लील नृत्य करते हैं तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाई की जाएगी, हालांकि उन्होंने ये साफ़ नहीं किया कि अश्लील नृत्य से उनका क्या मतलब है.

राजनीतिक दबाव

बीबीसी के साथ बातचीत में पुलिस आयुक्त रामराव वाघ ने साफ किया कि उन पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं डाला गया है लेकिन मैचों में उनके विभाग की नज़र इस बात पर रहेगी कि कोई अश्लील नृत्य नहीं हो.

प्रतिबंध के संबंध में उनका कहना था कि, ‘मुझे कुछ अख़बारों में ग़लत उद्धत किया गया है. प्रतिबंध की बात नहीं है. हमारे पास चीयरलीडर्स के नृत्य के लाइसेंस के लिए आवेदन आया था जिसे हमने इस शर्त के साथ स्वीकार कर लिया कि वो किसी भी तरह का अश्लील नृत्य नहीं करेंगे.’

उनका कहना था कि सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील कृत्यों पर पाबंदी है और इसी नियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

रामराव वाघ का कहना था कि जो भी चीज़ युवाओं को भ्रष्ट करती है वो अश्लील है और नवी मुंबई के पुलिस अधिकारी तय करेंगे कि कौन सा नृत्य युवाओं के लिए सही है और कौन सा ग़लत.

रामराव वाघ का कहना था कि इस संबंध में उनकी आईपीएल मैनेजरों से बात हुई है और आईपीएल मैनेजरों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मैदान में कोई अश्लीलता नहीं होगी.