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रविवार, 04 मई, 2008 को 20:37 GMT तक के समाचार
 
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तबला वादक किशन महाराज नहीं रहे
 
किशन महाराज (फ़ाइल फ़ोटो)
उन्हें वर्ष 2002 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.
विश्व प्रसिद्ध तबला वादक पंडित किशन महाराज का वाराणसी के एक अस्पताल में निधन हो गया है. वो लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे.

वर्ष 2002 में पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित किशन महाराज की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 29 अप्रैल को अस्पताल में दाखिल कराया गया था.

उनकी मृत्यु मस्तिष्क में रक्त स्राव के कारण हुई. वो 81 वर्ष के थे.

पिछले तीन मार्च को भी पंडित किशन महाराज की तबीयत एक संगीत समारोह के दौरान खराब हो गई थी और वह बेहोश हो गए थे.

किशन महाराज का जन्म वर्ष 1923 में एक ऐसे परिवार में हुआ जहाँ संगीत साधना परंपरा थी.

बचपन में उन्होंने अपने पिता पंडित हरि महाराज से ही शास्त्रीय संगीत के गुर सीखे.

अपने पिता के निधन के बाद उन्हें पारंगत बनाने की ज़िम्मेदारी उनके चाचा पंडित कांठे महाराज ने संभाली.

महज 11 साल की उम्र से ही उन्होंने सार्वजनिक समारोहों में तबला वादन से लोगों को प्रभावित करना शुरु कर दिया.

कुछ सालों के भीतर ही उन्होंने उस्ताद फ़ैयाज़ ख़ान, पंडित ओंकारनाथ जोशी, वसंत राय, पंडित रवि शंकर, उस्ताद अली अकबर ख़ान जैसे महारथियों के साथ मंच पर प्रदर्शन किया.

उन्होंने शंभू महाराज, सितारा देवी , नटराज गोपी कृष्ण और पंडित बिरजू महाराज जैसे मशहूर नृतकों को संगत दिया.

उन्हें वर्ष 1973 में ही पद्म श्री पुरस्कार मिला. इसके बाद वर्ष 1984 में वे केंद्रीय संगीत नाटक पुरस्कार से नवाज़े गए.

 
 
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