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शनिवार, 26 जुलाई, 2008 को 18:02 GMT तक के समाचार
 
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बंगलौर के बाद दहला अहमदाबाद, 38 मरे
 
अहमदाबाद में विस्फोट
विस्फोट वाली जगहों पर क्षतिग्रस्त साइकिलें
गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार की शाम 90 मिनट के भीतर एक के बाद एक 16 बम धमाके हुए हैं जिनमें अब तक 38 लोगों के मारे जाने और लगभग सौ लोगों के घायल होने की ख़बर है.

हालाँकि, सूत्रों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि लगभग डेढ़ सौ लोग घायल हैं. सबसे बड़ा धमाका अहमदाबाद के अस्पताल में हुआ जहाँ दो डॉक्टरों समेत सबसे ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात पत्रकारों को बताया था, "हमारी जानकारी के मुताबिक सोलह धमाके हुए हैं जिनमें अब तक 29 लोगों के मारे जाने की ख़बर मिली है जबकि 88 लोग घायल हैं. हर मृतक के परिवार को राज्य सरकार पाँच लाख रुपए और घायल व्यक्ति को 50 हज़ार रुपए देगी. सभी घायलों का उपचार सरकारी ख़र्चे पर होगा."

पूरे देश में कई जगह, विशेष तौर पर बड़े शहरों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है. गुजरात में सेना को सतर्क रहने के लिए कहा गया है और रेपिड एक्शन फ़ोर्स के दस्तों को बुलाया गया है.

 हमारी जानकारी के मुताबिक सोलह धमाके हुए हैं जिनमें अब तक 29 लोगों के मारे जाने की ख़बर मिली है जबकि 88 लोग घायल हैं. हर मृतक के परिवार को राज्य सरकार पाँच लाख रुपए और घायल व्यक्ति को 50 हज़ार रुपए देगी. सभी घायलों का उपचार सरकारी ख़र्चे पर होगा
 
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी बंगलौर में भी एक के बाद एक आठ धमाके हुए थे जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे.

शांति बनाए रखने की अपील

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृहमंत्री शिवराज पाटिल और नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने इन विस्फोटों की निंदा की है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा है, "ये देश की सांप्रदायिक स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश है. इन हमलों के तार देश के बाहर इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों से जुड़े हो सकते हैं. पड़ोसी देशों से इस तरह की घटनाओं के तार जुड़े होने से इनकार नहीं किया जा सकता है."

उधर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की, "हमें विश्वास है कि जनता देश के दुश्मनों की मंशा को सफल नहीं होने देगी और गुजरात के लोग ऐसे तत्वों की ताक़त को नष्ट करने का काम करेंगे."

केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्त ने कहा है कि राज्य सरकारों को तीन दिन पहले ही ऐसी घटनाओं की आशंका व्यक्त करते हुए एक चेतावनी भेजी गई थी. उन्होंने यह जानकारी भी दी कि केंद्र सरकार एनसजी के विशेष दस्ते को रवाना कर रही है.

कम तीव्रता के धमाके

घायल का उपचार
घायलों के उपचार के दौरान सिविल अस्पताल में धमाका हुआ जिसमें दो डॉक्टर भी मारे गए

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहला धमाका शाम कोई साढ़े छह बजे हुआ. जिन इलाक़ों में विस्फोट हुए हैं उनमें मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव क्षेत्र मणिनगर शामिल है.

इसके अलावा विस्फोट रायपुर, बापू नगर, संगम सिनेमा, नारोल सर्किल, सारंगपुर, ईशनपुर, जुहापुर, कोरियार मंदिर, हाटकेश्वर और सरखेज इलाक़े में हुए हैं.

पुलिस का कहना है कि सभी विस्फोट कम तीव्रता वाले विस्फोटकों से किए गए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि ज़्यादातर बम साइकिलों पर रखे गए थे.

एक विस्फोट एक सीएनजी बस में किया गया है तो एक विस्फोट अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के पास किया गया है.

स्थानीय संवाददाताओं का कहना है कि विस्फोट के बाद अहमदाबाद में अफ़रातफ़री का माहौल है.

रेलवे स्टेशन को सील कर दिया गया है और पूरे शहर में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है और जगह-जगह नाक़ेबंदी की गई है.

मुआवज़ा

 ये देश की सांप्रदायिक स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश है. इन हमलों के तार देश के बाहर इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों से जुड़े हो सकते हैं. पड़ोसी देशों से इस तरह की घटनाओं के तार जुड़े होने से इनकार नहीं किया जा सकता है
 
गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विस्फोट की निंदा की है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार केंद्र सरकार ने प्रत्येक मृतक के रिश्तेदारों को एक लाख रुपए और हर घायल को 50 हज़ार रुपए देने की घोषणा की है.

गांधीनगर के सांसद और नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने टेलीविज़न चैनलों से हुई बातचीत में कहा है कि बंगलौर और अमहमदाबाद में एक के बाद एक विस्फोट से लगता है कि यह किसी षडयंत्र का हिस्सा हो सकता है.

उनका कहना है कि इस समय कोई अनुमान लगाना ठीक नहीं है लेकिन यह गंभीर घटना है.

उन्होंने राज्यों के आतंकवादी निरोधक क़ानूनों को जल्दी से जल्दी मंज़ूरी देने की अपील की है.

केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हमारे पास सूचनाएँ हैं लेकिन हम अभी इसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं."

इस घटना के शिकार लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि यह समय किसी पर आरोप लगाने का नहीं है.

उन्होंने बताया कि रविवार को एक बैठक बुलाई गई है जहाँ इन विस्फोटों के बारे में उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया जाएगा.

 
 
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