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गुरुवार, 28 अगस्त, 2008 को 09:17 GMT तक के समाचार

संदीप साहू
भुवनेश्वर से

उड़ीसाः ताज़ा हिंसा के बाद सैकड़ों बेघर

उड़ीसा पुलिस का कहना है कि कंधमाल ज़िले में हिंदू और ईसाई गुटों के बीच भड़की ताज़ा हिंसा के बाद सैकड़ों परिवार अपने घर छोड़ कर चले गए हैं.

कंधमाल में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और उड़ीसा के आठ नगरों में कर्फ़्यू जारी है.

बुधवार को प्रशासन ने सुरक्षा बलों को आदेश दिए थे कि वे दंगाइयों को सड़क पर देखते ही गोली चलाएँ. अधिकारियों का कहना था कि कर्फ़्यू के बावजूद हिंसा और दंगों के न रुकने के कारण ऐसा किया गया था.

विश्व हिंदू परिषद के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद शनिवार से ही हिंसा शुरु हो गई थी. सोमवार को विहिप के बुलाए बंद के बाद ईसाइयों के ख़िलाफ़ ख़ासी हिंसा हुई थी और कई गिरिजाघरों को आग लगा दी गई थी.

शनिवार से जारी हिंसा में कंधमाल और गजपति ज़िलों में 11 लोग मारे जा चुके हैं.

उड़ीसा में ईसाइयों पर पहले भी हमले होते रहे हैं. 22 जनवरी 1999 को ऑस्ट्रेलियाई ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों के आग में झुलसे हुए शव क्योंझर के मनोहपुर गाँव में उनकी जीप में पाए गए थे.

उच्च न्यायालय का आदेश

महत्वपूर्ण है कि उड़ीसा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया है वह शुक्रवार तक न्यायालय में रिपोर्ट दायर करे और बताए कि इस हिंसा के बाद प्रभावित क्षेत्र में क्या स्थिति है.

न्यायालय ने ये आदेश अंबेडकर-लोहिया विचार मंच की एक जनहित याचिका पर सुनाया है. विचार मंच ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह राज्य सरकार बताए कि जो लोग घर छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं, उन्हें पुन: बसाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि गुरुवार को एक अन्य संस्था उत्कल क्रिश्चियन काउँसिल ने भी न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है.

भाजपा में खलबली

उधर भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मिला है और उसने उनके समक्ष कुछ माँगे रखी हैं.

उनकी माँग है कि स्वामी लक्ष्मणानंद के हत्यारों को जल्द पकड़ा जाए और वर्ष 1967 के धार्मिक स्वतंत्रता क़ानून को लागू किया जाए. गोहत्या पर लगे प्रतिबंध को कड़े तरीके से लागू किए जाने की भी माँग की गई है.

सूत्रों ने बताया है कि भारतीय जनता पार्टी के ही कम से कम तीन मंत्री और 13 विधायक ये माँग भी कर रहे हैं कि भाजपा नवीन पटनायक सरकार से बाहर आए और उसे केवल बाहर से ही समर्थन दे.

उड़ीसा विधानसभा की 147 सीटों में से 63 बीजू जनता दल की है, 33 भाजपा की हैं, 38 कांग्रेस की हैं. विधानसभा में आठ निर्दलीय हैं जो नवीन पटनायक सरकार को समर्थन दे रहे हैं.

लेकिन इस बारे में पार्टी के राज्य स्तर के नेतृत्व या फिर केंद्रीय नेतृत्व ने कोई बयान नहीं दिया है.