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शुक्रवार, 12 सितंबर, 2008 को 10:37 GMT तक के समाचार

कृष्णा और राजकुमार को ज़मानत मिली

दिल्ली के निकट नोएडा के चर्चित आरुषि हत्याकांड के प्रमुख अभियुक्तों कृष्णा और राजकुमार को ज़मानत मिल गई है.

ग़ाज़ियाबाद की एक अदालत ने 25 हज़ार रुपए के दो निजी मुचलके पर राजकुमार को ज़मानत देने का फ़ैसला किया.

क़ानूनी रूप से सीबीआई को 90 दिनों के अंदर इन दोनों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल करना था. लेकिन सीबीआई ऐसा नहीं कर पाई.

सीबीआई ने राजकुमार की ज़मानत याचिका का यह कह कर विरोध किया कि उनके ख़िलाफ़ जाँच अभी चल रही है.

लेकिन राजकुमार के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं है. दूसरी ओर सीबीआई का तर्क ये था कि उसके पास राजकुमार और हेमराज के बीच बातचीत का टेलिफ़ोन रिकॉर्ड है.

ज़मानत का विरोध

राजकुमार की ज़मानत का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि अगर राजकुमार ज़मानत पर छूटे, तो वे सबूतों को नष्ट कर सकते हैं और चूँकि वे नेपाल के नागरिक हैं इसलिए देश छोड़कर जा सकते हैं.

15-16 मई की रात को आरुषि के साथ-साथ हेमराज की भी हत्या हुई थी. सीबीआई को यह मामला 31 मई को सौंपा गया था.

इस मामले में एक अन्य अभियुक्त कृष्णा को भी ज़मानत है. आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार के यहाँ कृष्णा कम्पाउंडर का काम करता था.

पिछले दिनों सीबीआई ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके कहा था कि वह इस मामले में फ़िलहाल कोई आरोपपत्र दाख़िल नहीं करेगी.

इसी मामले में एक अन्य अभियुक्त विजय मंडल को भी ज़मानत मिल चुकी है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में पहले आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार को गिरफ़्तार किया था.

लेकिन सीबीआई ने जब जाँच संभाली तो राजेश तलवार को रिहा कर दिया गया. सीबीआई का कहना था कि राजेश तलवार के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं.