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गुरुवार, 30 अक्तूबर, 2008 को 09:19 GMT तक के समाचार
 
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उत्तेजित भीड़ ने वाहनों में आग लगाई
 

 
 
गुवाहाटी
गुवाहाटी में कुछ स्थानों पर उत्तेजित भीड़ ने वाहनों में आग लगा दी

गुवाहाटी में बम विस्फ़ोट होने के बाद कुछ स्थानों पर स्थानीय लोग उत्तेजित हो गए और सरकारी वाहनों में आग लगा दी है जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण के लिए कुछ इलाक़ों में कर्फ्यू लगा दिया है.

गुवाहाटी सहित चार स्थानों पर हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के बाद प्रशासन ने दिसपुर तथा गणेशगुड़ी इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया है जबकि बम विस्फोट वाले कई स्थानों पर उत्तेजित जनता ने कई वाहनों में आग लगा दी है.

पुलिस और सुरक्षा बल गुवाहाटी के गणेशगुड़ी में इस समय उत्तेजित जनता को संभालने में लगे हुए हैं. उत्तेजित लोगों के पथराव में आग बुझाने वाले कर्मियों सहित कुछ पुलिस के जवान जख्मी हुए हैं.

बीबीसी कार्यालय से फ़ोन पर बातचीत करते हुए एक दुकानदार उत्पल ने बताया कि धमाके के बाद पानबाज़ार में कई दुकानें जल गईं जिसमें उनकी दुकान भी शामिल थी.

उत्पल का कहना था, ''जब धमाका हुआ था तो मैं दुकान के अंदर था..मेरी सिल्क की दुकान पूरी जल गई है और इस लाईन में सारी दुकानें जल गई हैं. ''

इधर निचले असम में बरपेटा रोड कस्बे में हुए दो विस्फोटों में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि कोकराझाड़ में हुए तीन विस्फोटों में 11 लोगों के मरने के समाचार हैं। बोंगाईगांव के विस्फ़ोट में किसी के मरने की ख़बर नहीं है.

बरपेटो रोड में हुए बम विस्फोटों में से एक साप्ताहिक बाजार में रखा गया था, इसलिए उसमें मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बम या तो दुपहिया या चार पहिए वाले वाहनों पर लाए और रख गए थे.

उनका कहना है कि गुवाहाटी में कचहरी के पास रखा गया बम एक दुपहिया वाहन पर रखा गया था.
बरपेटारोड के साप्ताहिक बाजार में रखा गया बम भी दुपहिया वाहन पर लाए जाने के काफी प्रमाण मिले हैं.

खुफिया सूत्रों ने कुछ समय पहले आशंका जताई थी कि दुर्गापूजा या दीपावली के समय राज्य में विस्फोट किए जा सकते हैं, लेकिन विस्फोट ठीक उस समय हुए जब प्रशासन में काफी हद तक शिथिलता आ गई थी.

विस्फोटों के पीछे किसका हाथ है इस विषय में अभी प्रशासनिक अधिकारी मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि आज के विस्फोटों की कार्यप्रणाली अल्फा के द्वारा किए जाने वाले बम विस्फोटों से हटकर है.

अल्फा ने इससे पहले इस तरह एक ही समय पर फटने वाले सिलिसलेवार बम प्लांट नहीं किए थे. जबकि हाल ही में नलबाड़ी जिले मं अल्फा के कैडरों के मारे जाने का बदला लेने के रूप में भी इन विस्फोटों का देखा जा रहा है.

 
 
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