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सोमवार, 09 मार्च, 2009 को 14:36 GMT तक के समाचार
 
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कसाब ने जज के साथ वीडियो से बात की
 
मोहम्मद अजमल आमिर कसाब
कसाब को सुरक्षा कारणों से अभी तक ख़ुली अदालत में नहीं पेश किया गया है
मुंबई हमलों के बारे में मुक़दमे की सुनवाई 23 मार्च से शुरू होगी.

सुनवाई मुंबई के अतिसुरक्षा वाले आर्थर रोड जेल में एक विशेष सत्र न्यायालय में होगी जहाँ एक मेट्रोपोलिटन न्यायाधीश विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनेंगे.

इस बीच इन हमलों से जुड़े होने के संदेह में पकड़े गए एकमात्र अभियुक्त मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने पहली बार एक न्यायाधीश के साथ कोई बातचीत की.

कसाब ने जेल से ही वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से न्यायाधीश एन एन श्रीमंगले के साथ बात की.

आर्थर रोड जेल में रखे गए कसाब को सुरक्षा कारणों से ख़ुली अदालत में कभी भी पेश नहीं किया गया है.

पिछले वर्ष 26 नवंबर को मुंबई में पाँच जगहों पर हुए हमलों में 170 से अधिक लोग मारे गए थे.

मारे गए लोगों में नौ हमलावर भी शामिल थे. एकमात्र कसाब को जीवित पकड़ा जा सका था जो अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान का नागरिक है.

उर्दू आरोपपत्र की माँग

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कसाब ने न्यायाधीश से कहा कि उसके ख़िलाफ़ जो आरोपपत्र दायर किया गया है, वह उसे नहीं समझ पाया है क्योंकि वह अंग्रेज़ी और मराठी भाषा में है.

 हम चाहते हैं कि कसाब की सुनवाई में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और हम चाहेंगे कि ये सारा मुक़दमा छह महीने के भीतर ख़त्म हो जाए
 
उज्ज्वल निकम, सरकारी वकील

मुंबई हमलों से जुड़े दो भारतीय अभियुक्तों - फ़हीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद - ने 12 हज़ार पृष्ठों वाले आरोपपत्र का उर्दू अनुवाद उपलब्ध कराए जाने की माँग की थी.

लेकिन न्यायाधीश ने उर्दू आरोपपत्र की माँग को ख़ारिज़ करते हुए कसाब से कहा कि वह आगे विशेष न्यायालय के समक्ष इस बारे में आग्रह कर सकता है.

इस बारे में सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बताया,"तीनों अभियुक्तों ने इस सुनवाई को आगे टालने की एक नाकाम कोशिश की. लेकिन 12 हज़ार पन्नों के आरोपपत्र का अनुवाद आसान काम नहीं है, इसलिए अदालत ने उनकी माँग को रद्द कर दिया".

मुंबई पुलिस ने मुंबई हमलों के सिलसिले में कसाब, अंसारी और अहमद के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर किए हैं.

उज्जवल निकम ने मुक़दमे के समय के बारे में कहा,"हम चाहते हैं कि कसाब की सुनवाई में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और हम चाहेंगे कि ये सारा मुक़दमा छह महीने के भीतर ख़त्म हो जाए".

एयरकंडीशंड अदालत

मुंबई हमलों की सुनवाई के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक विशेष अदालत का गठन किया है.

ये अदालत आर्थर रोड जेल में ही बैठेगी जहाँ कसाब को रखा गया है.

कसाब की कोठरी और अदालत का कमरा, दोनों ही एयरकंडीशंड होंगे.

अदालत के निर्माण में राज्य सरकार दो करोड़ रूपए ख़र्च कर रही है.

 
 
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