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बुधवार, 27 मई, 2009 को 20:58 GMT तक के समाचार
 
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'हमले के लिए तालेबान ज़िम्मेदार'
 
धमाका
धमाके में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं

पाकिस्तान सरकार ने लाहौर में पुलिस मुख्यालय को निशाना बनाकर हुए हमले के लिए तालेबान चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

सरकार के मुताबिक़ ये हमला स्वात घाटी में उसकी सैनिक कार्रवाई की प्रतिक्रिया में हुआ है.

विस्फोट में 24 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

बचावकर्मियों ने इमारत के मलबे से और हताहतों के मिलने की आशंका से इनकार नहीं किया है.

अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों ने पुलिस मुख्यालय और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के कार्यालयों को निशाना बनाते हुए पुलिसकर्मियों पर गोलियाँ चलाईं और उसके बाद एक ज़बरदस्त कार बम विस्फोट हुआ.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने संवाददाताओं को बताया, "पाकिस्तान के दुश्मन, जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं वे स्वात में हार के बाद यहाँ आ रहे हैं. ये एक युद्ध है और ये युद्ध हमारे अस्तित्त्व के लिए है."

'ख़ुफ़िया एजेंसी पर निशाना'

लाहौर विस्फोट के बाद मलबे में फँसा व्यक्ति
राहतकर्मियों के अनुसार मलबे में अब भी कई लोग फँसे हो सकते हैं

स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े दस बजे हुए इस हमले में कम से कम एक आईएसआई एजेंट, 12 पुलिस अधिकारी और एक बच्चे की मौत हुई है.

अधिकारियों के अनुसार हमले का निशाना सैनिक ख़ुफ़िया एजेंसी हो सकती है.

बम हमले में आईएसआई का दफ़्तर क्षतिग्रस्त हुआ है जबकि पुलिस की एक इमारत ध्वस्त हो गई.

लाहौर में मौजूद बीबीसी संवाददाता ओवन बेनेट-जोन्स के अनुसार अभी तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि हमले में किसका हाथ है.

दो लोग गिरफ़्तार किए गए हैं मगर पुलिस अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि हिरासत में लिए गए लोग पास खड़े आम लोग हो सकते हैं.

इस बीच सेना को उम्मीद है कि स्वात के मुख्य शहर मिंगोरा को तालेबान चरमपंथियों से दो से तीन दिन में मुक्त करा लिया जाएगा.

इस हमले के बाद से ही टेलिविज़न पर लगातार बचावकर्मियों को मलबे से लोगों को निकालते दिखाया जा रहा था.

वहाँ बुलडोज़र के साथ ही अन्य भारी उपकरण लाए गए हैं जिससे मलबे में फँसे लोगों को बचाया जा सके.

विस्फोट

 पाकिस्तान के दुश्मन, जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं वे स्वात में हार के बाद यहाँ आ रहे हैं. ये एक युद्ध है और ये युद्ध हमारे अस्तित्त्व के लिए है
 
रहमान मलिक, गृह मंत्री- पाकिस्तान

अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि एक कार पुलिस मुख्यालय के पास रुकी जिसमें से कुछ हथियारबंद लोग उतरे और उन्होंने गोलियाँ चलानी शुरू कर दी.

इसके बाद जब पुलिस ने जवाबी गोलाबारी की तो हथियारबंद लोगों की कार में विस्फोट हो गया.

दुनिया भर से नेताओं ने हमले की निंदा करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की है.

अमरीकी राजदूत ऐन पैटरसन ने कहा कि ये हमले दिखाते हैं कि चरमपंथी आम ज़िंदगी जी रहे लोगों पर अपना एजेंडा थोपने के लिए किस हद तक जा सकते हैं.

 
 
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