धूमकेतु से टकराकर रोसेटा अभियान ख़त्म

  • जोनॉथन अमोस
  • बीबीसी विज्ञान संवाददाता
धूमकेतु 67पी की अंतिम तस्वीर
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रोसेटा से ली गई धूमकेतु 67पी की ये आख़िरी तस्वीर है जो क़रीब बीस मीटर की दूरी से ली गई है.

यूरोप के रोसेटा अभियान ने धूमकेतु 67पी से टकराकर अपना अभियान समाप्त कर लिया है.

जर्मनी स्थित मिशन कंट्रोल ने रोसेटा के धूमकेतु से टकराने की पुष्टि की है. अंतरिक्ष यान के साथ रेडियो संपर्क अचानक टूट गया.

माना जा रहा है कि इस टक्कर के बाद रोसेटा को इतना नुकसान हुआ है कि अब उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.

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रोसेटा के रेडियो सिग्नल.

इस पूर्व निर्धारित टक्कर से कुछ घंटे पहले रोसेटा ने बर्फ़ीले गोले जैसे धूमकेतु की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और अन्य जानकारियां भेजी हैं.

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अभियान प्रबंधक पैट्रिक मार्टिन ने कहा, "मैं रोसेटा के धूमकेतु 67पी की ओर बढ़ने के ऐतिहासिक अभियान की कामयाबी की घोषणी करता हूं."

"अलविदा रोसेटा, तुमने बहुत अच्छा काम किया. ये अंतरिक्ष विज्ञान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था."

वैज्ञानिकों का कहना है कि रोसेटा सूर्य से इतना दूर हो गया था कि उसे चार्ज करना नामुमकिन हो रहा था. इसलिए उसे क्रैश करना पड़ा.

ये अंतरिक्ष यान बीते दो साल से बर्फीले गोले की परिक्रमा कर रहा था. यही कोशिश थी कि इस धूमकेतु के बिलकुल पास जाकर तस्वीरें ली जाएं.

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धूमकेतु से रोसेटा की टक्कर अभियान से जुड़े लोगों के लिए भावुक पल था.

रोसेटा मिशन के वैज्ञानिकों में से एक डॉ. मैट टेलर बताते हैं, "इस एहसास को बयान करना मुश्किल है. हमें दुख है कि हमें ये अभियान खत्म करना पड़ा. लेकिन साथ ही अपनी शानदार उपलब्धि की खुशी भी है."

मैट टेलर कहते हैं, "ऑपरेशन चाहे खत्म हो गया है, लेकिन उससे जुड़ा शोध अभी बाकी है."

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ये स्पष्ट तस्वीर सतह से 15.5 किलोमीटर दूर से ली गई है.

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11.7 किलोमीटर दूर से ली गई इस तस्वीर में धूमकेतु की बर्फ़ीली सतह का हिस्सा साफ़ नज़र आ रहा है.

रोसेटा को साल 2004 में लॉन्च किया गया था. 10 सालों बाद इसने धूमकेतु पर एक रोबोट उतार कर इतिहास रचा था.

इसने धूमकेतुओं के बारे में जानकारी में बड़ा इजाफा किया है.

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ये तस्वीर 5.8 किलोमीटर दूर से दिख रही है जिसमें सतह मैदान सी लग रही है.

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रोसेटा ने धूमकेतु की ये तस्वीर 1.2 किलोमीटर दूर से ली.