सैमसंग के अलावा भी हैं हिट कंपनी के फ्लॉप्स

सैमसंग गलैक्सी नोट 7

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने स्मार्टफ़ोन गैलेक्सी नोट 7 का उत्पादन बंद कर दिया है.

सैमसंग ने यह फ़ैसला लिया गैलेक्सी नोट 7 में आग लगने की कई घटनाओं के लिया.

अपने किसी उत्पाद को बंद करने वाली सैमसंग अकेली कंपनी नहीं है.

उससे पहले भी कई बड़ी-बड़ी कंपनियों को अपने उत्पादों पर शर्मिंदगी उठानी पड़ी है. यहां हम ऐसी ही नौ कंपनियों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें अपने उत्पाद बंद करने पड़े.

फेसबुक होम

फेसबुक ने अप्रैल 2013 में एंड्रायड फ़ोन के लिए ''फ़ेसबुक होम'' के नाम से सुविधा शुरू की. यह फेसबुक फ़ीड को पलक झपकते ही आपके सामने ले आता था.

इसे लोगों ने खूब सराहा था. पहले दो हफ्तों में ही उसे पांच लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने डाउनलोड किया.

लेकिन बाद में पता चला कि यह बहुत अधिक डाटा का इस्तेमाल कर रहा है. और बैटरी भी जल्द ख़त्म हो रही है. इसके बाद फ़ेसबुक ने इसे बंद कर अपना ध्यान दूसरी ओर लगा दिया.

गूगल लाइवली

गूगल ने जुलाई 2008 में एक थ्री डी ऐप शुरू किया. इसका उपयोग करने वाले ख़ुद की वर्चूअल वर्ल्ड बना लेते थे. इसके माध्यम से वो अपने अन्य ऑनलाइन दोस्तों से संपर्क कर सकते थे.

गूगल ने यह सॉफ्टवेयर मुफ्त में दिया था. लेकिन समस्या यह थी कि लाइवली से बनने वाली वर्चूअल वर्ल्ड इतनी छोटी होती थी कि इसमें ग्राहकों को ऑनलाइन सामग्री के लिए जगह ही नहीं मिलती थी.

लोगों ने गूगल लाइवली को बुरी तरह नकार दिया. नतीज़ा यह हुआ कि गूगल ने इसे माह भर में ही वापस ले लिया.

न्यू कोक

अगर आपकी कंपनी के पास कोई ऐसा उत्पाद हो जिसकी हर कोई तारीफ़ करता हो, तो ज़ाहिर है आप उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करना चाहेंगे.

लेकिन कोका कोला जैसी बड़ी कंपनी को यह बात समझ में नहीं आई.

उसने 1985 में पेप्सी की बढ़ती लोकप्रियता का मुक़ाबला करने के लिए अपने लंबे समय से लोकप्रिय पेय में ही उलटफेर करने की ठान ली और 'न्यू कोक' को बाज़ार में उतार दिया.

लेकिन लोगों ने 'न्यू कोक' को बुरी तरह ख़ारिज कर दिया. इसके बाद कंपनी को अपने लोकप्रिय कोक को 'कोक क्लासिक' के नाम से बाज़ार में लाना पड़ा.

कॉस्मोपॉलिटन योगर्ट

अपने चटपटे सवाल-जवाब और सेक्स सुझावों के लिए मशहूर पत्रिका 'कॉस्मोपॉलिटन' को एक बार दही बनाने की सूझी. उन्होंने 'कॉस्मोपॉलिटन योगर्ट' के नाम से अपना एक नया उत्पाद शुरू किया. जी हाँ, दही.

होना क्या था, उनके इस विचार का जल्द ही दही बन गया.

हार्ले डेविडसन क्लोन

हार्ले का नाम सुनते ही आंखों के सामने आज़ादी और खुली-खुली सड़कों पर फर्राटे भरती बाइक की तस्वीर नज़र आती है.

लेकिन हार्ले के नाम से क्या आपके मन में किसी क्लोन या इत्र का विचार भी आता है?

आपके मन में ऐसे ख्याल आए या न आए. लेकिन तथ्य यह है कि मोटरसाइकिल बनाने वाली इस मशहूर कंपनी ने 2000 में एक, दो नहीं बल्कि कई क्लोन बाजार में उतारे थे.

होना क्या था, हार्ले डेविडसन को अभी भी तक उन दिनों की याद कर मछली सड़ांध जैसी बदबू आती है.

माइक्रोसाफ़्ट ज़ून

यह उन दिनों की बात है जब संगीत का आनंद लेने के लिए मोबाइल फोन हमारे सबसे अच्छे स्रोत हुआ करते थे. हर तरफ़ आई पैड का नाम चल रहा था.

ऐपल का मुक़ाबला करने के लिए माइक्रोसाफ़्ट ने 2006 में 'ज़ून' के नाम से एक उत्पाद लाया. इसके लिए दावे तो बहुत किए गए. लेकिन इसका डिज़ाइन इतना बुरा था कि लोगों ने उसे नकार दिया.

ब्यूक ड़िस्पोज़ेबल अंडरवियर

प्रसिद्ध कंपनी ब्यूक ने बॉल प्वाइंट पेन, रेज़र और सिगरेट लाईटर बनाकर ख़ूब नाम कमाया. लेकिन कंपनी के किसी उभरते सितारे को यह बात सूझी कि कंपनी को ऐसे जांघिया भी बनाने चाहिए जो उसके रेज़रों की ही तरह 'यूज़ एंड थ्रो' हों, यानी कि पहनों और फेंक दो.

लेकिन ब्यूक का अंडरवियर चल नहीं पाया. बहुत जल्द ही बाज़ार से उसकी छुट्टी हो गई.

फ़ोर्ड ऐडसेल

कार बनाने वाली मशहूर कंपनी फ़ोर्ड ने 1957 में 'फ़ोर्ड ऐडसेल' के नाम से एक कार पेश की. वह बाजा़र में इतनी बुरी तरह पिटी कि अब विफल उत्पादों का दूसरा नाम 'फोर्ड ऐडसेल' पड़ चुका है.

फ़ोर्ड जब यह महंगी कार लेकर बाज़ार में आई तो उस समय दुनिया वित्तीय संकट से गुज़र रही थी.

इस वजह से यह कार अधिक नहीं बिकी. लेकिन वित्तिय संकट खत्म होने के बाद भी फ़ोर्ड को यह कार महंगी पड़ी. लाख कोशिशों के बाद भी वह एक लाख कार नहीं बेच पाई.

कालगेट फ़्रोज़ेन फ़ूड

कालगेट अपने टूथपेस्ट की वजह से दुनियाभर में जाना जाता है लेकिन उसे भी व्यापार को बढ़ावा देने की सूझी.

उसने फ़्रोजन फ़ूड या जमे हुए भोजन के व्यापार में उतरने की सोची.

जाहिर है ख़रीदार परेशान हो गए कि वे कालगेट का टूथपेस्ट इस्तेमाल करने से पहले भोजन भी कालगेट का ही करें.

होना क्या था, कालगेट का भोजन फ्रीज़ में ही पड़ा रह गया.

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