भीतरी इलाकों में ड्रोन ले जाएंगे ब्लड

दुनिया में पहली बार रवांडा के भीतरी इलाकों में अस्पतालों में ड्रोन की मदद से ब्लड, वैक्सीन आदि की आपूर्ति की जाएगी.

अमरीका की कंपनी ज़िपलाइन के ये ड्रोन मानवरहित विमान हैं.

ये फिक्स्ड-विंग ड्रोन हैं जो सैटेलाइट नेविगेशन की मदद से सड़क के मुक़ाबले बेहद कम समय में पहाड़ी इलाकों को भी पार कर जाते हैं.

ब्लड पैकेट्स को बायोडिग्रेडेबल पैराशूट की मदद से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.

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ज़िपलाइन के ड्रोन को लॉन्च करने के लिए राजधानी किगाली के पास अड्डे बनाए गए हैं.

पैकेट पहुंचाने के लिए रवांडा के सरकारी स्वास्थ्य विभाग की मदद से एयरड्रॉप तैयार किए गए हैं.

बताया जा रहा है कि यदि यह प्रयोग सफल होता है तो वैक्सिन और दूसरी बेहद जरूरी चिकित्सा सुविधाओं को बीहड़ और भीतरी इलाकों में पहुंचाना संभव हो पाएगा.

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स्वास्थ्य कार्यकर्ता टेक्स्ट मैसेज के जरिए ज़िपलाइन डिलीवरी ऑर्डर कर सकते हैं.

ये ड्रोन अभी रक्त, प्लाज्मा और कौयगुलांट को रवांडा के पश्चिम में ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में पहुंचाएंगे. अब घंटों में होने वाला काम मिनटों में हो जाएगा.

स्टार्ट-अप कंपनी ज़िपलाइन के इंजीनियरों ने इससे पहले स्पेस एक्स, गूगल, लॉकहॉड और कई दूसरी तकनीकी कंपनियों के लिए भी काम किया है.

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ड्रोन से कुछ इस तरह ब्लड के पैकेट जरूरतमंद इलाकों में पहुंचाए जा रहे हैं.

ज़िपलाइन के इन ड्रोन को कैटपल्ट से लॉन्च किया जाता है. यह किसी यात्री विमान से ना टकराए, इसलिए इसकी ऊंचाई 500 फीट रखी गई है.

इसकी उड़ान क्षमता फिलहाल 150 किमी है लेकिन यह इससे दोगुनी दूरी तक जा सकता है.

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