विमानों को खतरे से आगाह करेगा उपग्रह

मौसम उपग्रह

अमरीका की राष्ट्रीय समुद्री और वायुमण्डलीय प्रशासन यानी एनओएए (नेशनल ओसेनिक एंड एटमोस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन) ने ये उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा है.

एनओएए ने कहा है कि ये उपग्रह बादल के तरंगों की साफ तस्वीरें पृथ्वी पर तुरंत प्रसारित कर सकेगा.

ये तरंग ही वायुमंडल में विक्षोभ पैदा करते हैं.

इसके साथ ही ये उपग्रह हवा की रफ़्तार, कोहरा, बर्फ़ और बिजली के बारे में ज़्यादा बेहतर आकलन कर सकेगा.

पायलटों ने इसका स्वागत किया है, उपग्रह से 2017 के मध्य तक आंकड़ें मिलने लगेंगे.

एयरलाइन कंपनियों के लिए बेहतर आंकड़े और तस्वीरें पायलटों को ऐसा रूट तैयार करने में मदद करेंगी जिनसे कि खतरों से दूर रहा जा सके.

जीओइस-आर को दुनिया का सबसे उन्नत मौसम उपग्रह माना जाता है.

दावा तो ये भी किया गया है कि उपग्रह तूफान, बवंडर, बाढ़, ज्वालामुखी से निकलने वाले राख के बादल, जंगल की आग और बिजली से भरी आंधियों के बारे में भी ज्यादा जल्दी से जानकारी दे सकेगा.

करीब एक अरब अमरीकी डॉलर की कीमत वाला ये उपग्रह आकाश को बारीकी से जांचने का काम अपने पुराने संस्करण की तुलना में पांच गुना तेजी से कर सकता है.

एनओएए का कहना है कि इससे मिलने वाली तस्वीरों के रेजॉल्यूशन भी पहले से चार गुना बेहतर होंगे.

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