लाखों स्वास्थ्य केंद्रों को पिरोने वाला सिस्टम

इमेज कॉपीरइट India gov

आप जानना चाहते हैं भारत में जन्म दर क्या है? या फिर, स्वास्थ्य क्षेत्र की ज़िले से लेकर सूबे और देश के अलग-अलग हिस्सों की कोई दूसरी जानकारी?

तो अलग-अलग लाइब्रेरियों या वेबसाइटों की ख़ाक़ छानने से बेहतर है हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टमपर जाना.

पिछले कुछ दिनों से जारी काम के बाद वेबसाइट इस बात के लिए पूरी तरह तैयार हो गई है कि उसपर न सिर्फ़ स्वास्थ्य से जुड़ी सूचनाएं मौजूद रहें बल्कि वो लगातार अपडेट होती रहे.

ये अपडेटिंग ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद स्वास्थकर्मी तक कर सकते हैं, जो अपने क्षेत्र की सूचनाएं वहां डाल सकते हैं जो बाद में इकट्ठा होकर डॉटाबैंक में पहुंच जाती हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिकारी दीप्ति श्रीवास्तव कहती हैं कि इस समय स्वास्थ्य क्षेत्र में इस तरह की जानकारी मुहैया करवाने वाला ये अपनी तरह का शायद इकलौता साइट है. और, इस वजह से इसपर हिट्स की तादाद बहुत अधिक है.

उनका दावा है कि सूचनाओं के अलावा इस सिस्टम पर ऐसी सुविधा है जिससे कि किसी ख़ास इलाक़े में किस दवा, या स्वास्थ्य से जुड़े किस तरह के सामान की ज़रूरत है ये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एक क्लिक के सहारे जान सकता है.

दीप्ति श्रीवास्तव हालांकि मानती हैं कि डॉटा के सत्यापन को लेकर अभी काम बाक़ी है.

इमेज कॉपीरइट India gov
Image caption जगह-जगह से इंटर सूचनाएं इकट्ठा होकर बेवसाइट को अपडेट करती रहती हैं.

डिजिटल मिशन के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के इस प्रोजेक्ट को तकनीकी सहायता दिया है व्ययम टेक्नालॉजी ने.

कंपनी के प्रमुख अशोक तिवारी ने एक बयान में कहा कि इससे क्षेत्र से जुड़े किसी भी मामले में फ़ैसला लेने की प्रक्रिया अधिक तेज़ आएगी.

अशोक तिवारी ने कहा, "आनेवाले दिनों में ये सरकार को न सिर्फ़ बजट आवंटन में मदद करेगा बल्कि संसाधनों के - जैसे चिकित्सकों, नर्स और दूसरी सुविधाओं के इस्तेमाल में भी बेहतरी लाएगा."

व्ययम के जितेंद्र तिवारी कहते हैं कि देश के लगभग दो लाख स्वास्थ्य केंद्रों को इस वेबसाइट से जोड़ा जा चुका है.

हालांकि वो ये भी कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोजेक्ट को लेकर लोगों को समझा पाना और फिर उससे जोड़ पाना थोड़ा मुश्किल था.