वायरस भी करते हैं 'लिंग भेद'

  • 16 दिसंबर 2016
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पूरी दुनिया में पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव की बात कही सुनी जाती है लेकिन इसका इल्जाम अब वायरस पर भी लग रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस महिलाओं के प्रति नरम रवैया अपनाते हैं.

महिलाओं की तुलना में पुरुषों में वायरस तेजी से संक्रमण कर सकते हैं. दूसरे लफ्जों में कहें तो विषाणु मर्दों में ज्यादातर असरदार साबित होते हैं. हाल ही में किए गए एक शोध के नतीजे तो कम से कम इसी ओर इशारा करते हैं.

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'नेचर कम्युनिकेशंस' मैगजीन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक वायरस महिलाओं को लेकर थोड़ा 'नरम रवैया' अपनाते हैं और इसके फायदे भी हैं.

कुछ ऐसे संक्रमण होते हैं जो महिलाओं के लिए कम खतरनाक हैं लेकिन इससे लोगों की प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है.

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जानकारों का कहना है कि रिसर्च के नतीजे किसी पहेली से कम नहीं है. महिलाओं में वायरस के फैलने के कई तरीके हो सकते हैं जो मुमकिन है कि पुरुषों के साथ न हो.

जैसे गर्भ में पल रहे बच्चों को, बच्चा जनने के समय या फिर स्तनपान करते वक्त.

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लंदन के रॉयल होलोवे यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने वायरस के व्यवहार का अध्ययन करने के लिए गणित का सहारा भी लिया.

शोध के नतीजे बताते हैं कि महिलाओं में संक्रमण का खतरा कम होने से भले ही मां की मौत की संभावना कम हो जाती है लेकिन इससे बच्चे के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.

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